राजधानी शिमला की सबसे बड़ी पार्किंग में ताला लग गया है। इस वजह से पहले ही पार्किंग की कमी से जूझ रही जनता की परेशानियां बढ़ गई है।
पार्किंग नगर निगम की है और 31 जुलाई को मैट्रोपोल के सामने स्थित पार्किंग के टॉप फ्लोर का एक साल का टेंडर समाप्त हो गया है।
नगर निगम के पास स्टाफ की भारी किल्लत है। शाखाओं में तैनात कर्मियों के पास अतिरिक्त कार्यभार है। पार्किंगों में ड्यूटी देने के नगर निगम के प्रस्ताव को गृह रक्षा विभाग ने भी ठुकरा दिया है।
ऐसे में निगम प्रशासन के सामने पार्किंग चलाने की समस्या खड़ी हो गई है। शुक्रवार को निगम के पास पार्किंग आते ही इसमें ताला लगा दिया गया है। इस पार्किंग में सौ वाहनों को खड़ा किया जाता है।
31 जुलाई को निगम की तीन पार्किंगों का एक-एक साल का टेंडर खत्म हो गया। दो पार्किंग संचालकों को तो नगर निगम समझा बुझाकर कर अगले फैसले तक पार्किंग चलाने में कामयाब रहा लेकिन टॉप फ्लोर पार्किंग के संचालक ने पार्किंग चलाने से इंकार कर दिया है।
वहीं निगम सदन ने प्रस्ताव पारित कर पार्किंगों को दोबारा ठेके पर नहीं देने का फैसला लिया है। ऐसे में निगम प्रशासन ने गृह रक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा था लेकिन विभागीय अधिकारियों ने पैसे के लेनदेन के काम को करने से इंकार कर दिया है।
निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया है कि गृह रक्षा विभाग ने पार्किंग पर ड्यूटी देने से इंकार कर दिया है। निगम में स्टाफ की कमी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्किंग चलाने को लेकर फैसला ले लिया जाएगा।