प्रदेश के जनजातीय जिलों में खर्च की जा रही केंद्रीय योजनाओं की राशि भी जनजातीय उपयोजना की नौ फीसदी राशि में शामिल की जा रही है। इससे जनजातीय क्षेत्रों के लिए आने वाली राशि अलग से खर्च नहीं हो पा रही। जनजातीय उपयोजना में प्रदेश के कुल बजट का नौ फीसदी हिस्सा रखा जाता है। यह जनजातीय क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों सड़कों, पुलों, स्कूल, कॉलेजों के भवनों स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों के लिए व्यय की जाती है।
केंद्रीय योजनाओं की जो राशि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अलग से खर्च की जानी थी, उसे भी जनजातीय उपयोजना राशि में शामिल किया जा रहा है। वर्ष 2012 से केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं में हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों के लिए आने वाली राशि को भी हिमाचल के जनजातीय उपयोजना की निर्धारित नौ फीसदी राशि में शामिल किया जा रहा है।