अटल टनल रोहतांग के भीतर वाहन चालक से मारपीट के दौरान सुरंग में अंधेरा होने पर भी सवाल उठे हैं। लोगों का कहना है कि साढ़े तीन हजार करोड़ की लागत से बनी टनल में अंधेरा होना हैरान करने वाला है। यह टनल की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। भले ही टनल की सुरक्षा का जिम्मा हिमाचल पुलिस का है, लेकिन टनल के भीतर सुविधा का संचालन करना बीआरओ का काम है। दो दिन पहले टनल में पुलिस की ओर से की गई मारपीट के अलावा आए दिन टनल में पर्यटकों के नाचने-गाने के मामले सामने आए हैं।
डबललेन टनल में किसी भी वाहन को सुरंग में खड़ा करना सख्त मना है। जिस वक्त चालक के साथ की मारपीट कर उसे मुर्गा बनाया गया, उस दौरान टनल के भीतर अंधेरा पसरा था। बीआरओ के अधिकारी कुलदीप वशिष्ठ ने कहा कि टनल में बिजली बोर्ड की सप्लाई है। अगर कभी बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो टनल में जेनरेटर की सुविधा है। घटना के दौरान बिजली क्यों नहीं थी, इसकी बीआरओ जांच कर रहा है।