गंज बाजार में सौ साल पुरानी हंसराज की आढ़त के संचालक मनु सूद ने बताया कि इस बार शिमला के अनारदाना की मांग बहुत ज्यादा है। मसाला कंपनियों के प्रतिनिधि अनारदाना लेने के लिए दस्तक दे रहे हैं। बीते साल के मुकाबले इस बार कीमतों में भी तेजी चल रही है।
शुरुआत में ही रेट 400 ये 650 रुपये प्रति किलो चल रहे हैं। उधर, खारी बावली पुरानी दिल्ली मसाला मार्केट के कारोबारी सुभाष चंद ने बताया कि इस बार पाकिस्तान से आयात न होने के कारण छुआरा और अनारदाना के रेट में तेजी है।
बढ़िया क्वालिटी के कारण शिमला के अनारदाने की मांग अधिक है। यहां का अनारदाना ज्यादा खट्टा होता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता। मसालों के अलावा आयुर्वेदिक दवाएं, पाचक चूर्ण और गोलियां बनाने में अनारदाना इस्तेमाल होता है।
अनारदाना की चटनी खाने में जहां स्वादिष्ट होती है वहीं गर्मी में पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखती है। मसालों के अलावा आयुर्वेदिक दवाएं, पाचक चूर्ण और गोलियां बनाने में अनारदाना इस्तेमाल होता है। अनारदाना की चटनी खाने में जहां स्वादिष्ट होती है वहीं गर्मी में पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखती है।