फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IIT Mandi: आईआईटी मंडी कैटलिस्ट एचएसटी स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में मिलेगा 50 लाख अनुदान, जानें आवेदन की तिथि

Wed, 09 Aug 2023 07:55 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

आईआईटी की टेक्नोलॉजी व्यावसायिक इंक्यूबेटर, कैटलिस्ट की ओर से हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक (एचएसटी) के सातवें संस्करण का वार्षिक फ्लैगशिप इवेंट 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक करवाया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स और महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए एक ग्रैंड चैलेंज पेश किया जाएगा। 
विज्ञापन
आईआईटी मंडी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईआईटी मंडी कैटलिस्ट एचएसटी स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में 50 लाख का अनुदान प्राप्त करने और छह लाख रुपए का नकद पुरस्कार जीतने का मौका दे रहा है। इसके लिए आईआईटी की टेक्नोलॉजी व्यावसायिक इंक्यूबेटर, कैटलिस्ट की ओर से हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक (एचएसटी) के सातवें संस्करण का वार्षिक फ्लैगशिप इवेंट 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक करवाया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स और महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए एक ग्रैंड चैलेंज पेश किया जाएगा। इसमें छह लाख रुपये जीतने का मौका मिलेगा। वहीं, शीर्ष स्टार्टअप को 50 लाख रुपए तक का अनुदान मिलेगा। आयोजन के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 20 अगस्त है।

विज्ञापन


स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता तीन विषयों पर होगी। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने उद्यमियों, नवाचारकों से आग्रह किया है कि वह स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में भाग लेकर विचारों को प्रदर्शित कर सकते हैं। मानव-कंप्यूटर इंटरेक्शन में समस्या मानव क्रियान्वयन और निर्णय लेने में मदद करने और उनकी क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए सहायक प्रौद्योगिकियां, मानवों की मानसिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग, मानव निर्णय लेने, पूर्वानुमान, संचार और प्रोसेसिंग की मदद के लिए कंप्यूटर बुद्धिमत्ता का उपयोग, आर्थिक और सामाजिक सुधार के लिए मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरैक्शन आधारित समाधान, हेल्थ, कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, दीर्घकालिक अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न उद्योगों के लिए गहन उपयोगी प्रौद्योगिक और उच्च प्रौद्योगिक समाधानों का प्रयोग आदि शामिल रहेंगे।

दूसरे विषय में स्वतंत्र और दूरस्थ कंप्यूटर इंटरेक्शन आधारित प्रणालियाें का उपयोग जो मानवों और कंप्यूटरों के साथ इंटरेक्शन को बढ़ावा देती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल समेत शिक्षा क्षेत्रों के लिए संवर्धित और आभासी वास्तविकता, आधारित समाधान, पहाड़ी सड़क सुरक्षा, आपदा रोकथाम और प्रबंधन, हिमालयी कृषि के लिए मांग और आपूर्ति पक्ष की चुनौतियां, वोकल फॉर लोकल स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ाने के उपाय और ग्रामीण विकास - शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार आदि शामिल रहेंगे।
विज्ञापन


तीसरा विषय: द हैबिटेबल वर्ल्ड चैलेंज - पर्यावरण और स्थायित्व। इस क्षेत्र के लिए चुनौतियों के चयन को पीक वेंचर्स, अलसीसर इम्पैक्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-हिमाचल प्रदेश, और नेशनल हेल्थ मिशन-हिमाचल प्रदेश के साथ तैयार किया गया है। पर्यावरण और स्थायित्व में चुनौतियां, सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन, प्रसंस्करण, निपटान के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान, ठोस कचरे के प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी समाधान, औद्योगिक और घरेलू कचरे का प्रबंधन और रीसाइक्लिंग, स्थायी आजीविका और आर्थिक/सामाजिक प्रथाओं के लिए प्रौद्योगिकी समाधान, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन सहित स्वच्छ प्रौद्योगिकी आधारित समाधान आदि को शामिल किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें