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'हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हिमाचल के मंत्री'

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हिमाचल के आईआईटी कमांद के निर्माणाधीन नॉर्थ कैंपस में हुई घटना में मारे गए पंजाब निवासी तनमिंदर सिंह उर्फ हैरी के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से उन्हें हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
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उनके अनुसार उनके बेटे और हादसे में मारे गए पंजाब के अन्य युवकों के बारे में वहां की पुलिस ने झूठा प्रचार किया है कि वह बाउंसर थे। उन्होंने हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। चंडीगढ़ के सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में हैरी के पिता तनजीत सिंह, एडवोकेट रविंदर सिंह लवली, जगतार सिंह, सुखविंदर सिंह ने प्रेसवार्ता की।

तनजीत सिंह ने कहा कि उनका बेटा हैरी और उसका दोस्त लवली 17 जून को घर से मणिकर्ण माथा टेकने गए थे। रास्ते में मंडी में अपने दोस्त राजीव शर्मा के पास रुके। राजीव, बलजिंदर और गगनदीप ने आईआईटी में निर्माण कार्य कर रही कंपनी सुप्रीमो से एक हिस्से में काम का कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
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मंत्री के गुंडे करते हैं वसूली

उनके अनुसार सुप्रीमो कंपनी का उनकी लेबर से पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसका असर राजीव के काम पर भी पड़ रहा था। काम पर असर पड़ने के कारण ठेकेदारों और लेबर में तकरार भी हुई। इसके बाद ठेकेदार राजीव ने लेबर से खतरा बताते हुए घटना से दो दिन पहले स्थानीय पुलिस में लिखित शिकायत दी थी।

आरोप है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाए कि घटना में कहीं न कहीं कौल सिंह का भी हाथ है। वहां कॉन्ट्रैक्टर से वसूली करने के लिए गुंडे आते थे और खुद को कौल सिंह ठाकुर का आदमी बताते थे। पुलिस में शिकायत देने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती थी।

ठेकेदार के कमरे से नौ बुलेट और टोका बरामद

वहीं, आईआईटी कमांद के नॉर्थ कैंपस में हुए गोलीकांड मामले में एसआईटी टीम ने नांदली स्थित कांट्रेक्टर के गेस्ट हाउस के कमरे को खोलकर वहां से नौ बुलेट और टोका बरामद किया है। पुलिस की दो टीमें कांट्रेक्टर की तलाश में जिला मंडी से बाहर भेजी गई हैं।

घटना के पांच दिन बाद भी गोलीकांड मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। 20 जून को आईआईटी कमांद के निर्माणाधीन नॉर्थ कैंपस में गोलीकांड की घटना हुई थी। एसआईटी टीम ने बुधवार को नांदली में कांट्रेक्टर के गेस्ट हाउस में छापा मारा।

पंचायत प्रधान मोहम्मद अली और लोगों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस के कमरे खोले। यहां पंजाब से आए बाउंसर ठहरे थे। कमरे से पुलिस ने करीब आधा दर्जन बुलेट और एक टोका भी बरामद किया। कमरे में कपड़े और अन्य सामान रखा था।

कांट्रेक्टर की तलाश के लिए पुलिस रवाना

टीम ने बुलेट, टोका कब्जे में ले लिया है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से तलवारें, दराट, पिस्टल बरामद किए हैं। इन्हें जांच के लिए सील बंद किया गया है। कांट्रेक्टर राजीव शर्मा की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें बाहरी क्षेत्रों में भेजी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने बताया कि एसआईटी ने बुधवार को कांट्रेक्टर के नांदली गेस्ट हाउस में छापा मारा है। यहां से कुछ बुलेट और एक टोका बरामद हुआ है। इसे कब्जे में लिया है। पुलिस टीमें कांट्रेक्टर राजीव की तलाश में जुटी हैं। एसआईटी टीम ने मामले की तफ्तीश तेज कर दी है।

कोई धमकी नहीं दीः कौल सिंह

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी को कोई धमकी नहीं दी है। यह झूठ है। इस तरह के आरोप लगाने वाले उन्हें यह बताएं कि किस मोबाइल नंबर से उनको धमकी दी गई है। सोलन से संबंध रखने वाले एक ठेकेदार के कहने पर यह प्रेस वार्ता हुई है।

उन्होंने तो मानवता के नाते घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया। घटना वाले दिन वह स्वयं मौके पर नहीं थे। फिर भी कोई भी जांच एजेंसी जांच कर ले। वह किसी भी तरह की छानबीन को तैयार हैं।

शाम को उपायुक्त संदीप कदम और पुलिस अधीक्षक मोहित चावला के साथ बैठक की है। उनका कहना है कि 13 जून से मजदूर वेतन और ईपीएफ की मांग पर हड़ताल पर थे। 19 जून को मंडी में रैली निकालकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को भी मांग पत्र सौंपा गया। इसमें अवगत करवाया था कि कमांद में कंपनी और ठेकेदारों के कुछ बाहरी लोगों हथियारों के साथ घूम रहे और मजदूरों पर दबाव बना रहे हैं। प्रशासन की तरफ से समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
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माकपा की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने जुटाई जानकारी

आईआईटी कमांद के निर्माणाधीन नॉर्थ कैंपस में 20 जून को हुए गोलीकांड मामले की जांच को लेकर माकपा की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने घटनास्थल का दौरा किया। मजदूरों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी हासिल की। कमेटी सदस्यों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों के अलावा आईआईटी प्रबंधन, कंपनी नुमाइंदों से बातचीत की। कमेटी सभी तथ्यों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार और जिला प्रशासन को सौंपेगी।

कमेटी में नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान, उप महापौर टिकेंद्र पंवर, किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह तंवर, सीटू के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजीव भूषण, रिटायर्ड एसडीएम मोहर सिंह चौहान आदि शामिल हैं। कमेटी ने श्रम विभाग, सीपीडब्ल्यूडी, आईआईटी प्रबंधन, कंपनी के नुमाइंदों से भी बातचीत की।
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