मंडी में सरेराह चाकू मारने के बाद शिमला के आईजीएमसी में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही घायल युवती का उपचार निशुल्क होगा। आईजीएमसी प्रबंधन ने दावा किया कि इलाज मुफ्त होगा। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले परिवार की मदद के लिए कई हाथ उठे हैं।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के पास कई लोग पहुंचे हैं जिन्होंने आर्थिक तौर पर मदद देने की पेशकश की। एक मददगार ने युवती के पिता दामोदर दास को सोमवार सुबह पांच हजार रुपये दिए।
घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। लड़की के पिता दामोदर दास का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी को रविवार रात को देखा, जब उसे आईसीयू से ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। उस समय उसकी हालत गंभीर थी। ऑपरेशन होने के बाद दोपहर तक नहीं देख पाया कि मेरी बिटिया किस हाल में है।
डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालत पहले से कुछ बेहतर है, पर अभी कुछ नहीं कह सकते। दामोदर का कहना है कि आपातकालीन समय में सभी टेस्ट मैंने अपने पैसों से कराए। जब ऑपरेशन कराने को कहा गया तो मैने अस्पताल प्रशासन को अपनी आर्थिक स्थिति बताई।
हालत अभी खतरे से बाहर नहीं : डा. राव
आईजीएमसी के डिप्टी एमएस राहुल राव का कहना है कि लड़की की हालत में पहले से थोड़ा सुधार है। हालत अभी भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि लड़की के इलाज का पूरा खर्च अस्पताल प्रशासन उठाएगा।
आरोपी गिरफ्त से बाहर
वहीं, चचेरी बहनों पर चाकू से कई वार करने वाले आरोपी चेत राम घटना के तीसरे दिन भी पुलिस पकड़ में नहीं आया है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक मंडी मोहित चावला ने जोनल अस्पताल जाकर घायल युवती का हालचाल पूछा और बयान भी दर्ज किए।
पुलिस की ओर से घायल को आरोपी चेत राम का फोटो दिखाया गया। मथुरा देवी ने उसकी पहचान कर ली है। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने बताया कि सोमवार को घायल के बयान दर्ज किए गए हैं। युवती ने आरोपी तेज राम की पहचान कर ली है।