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श्राद्ध के इन पांच दिनों में बन रहा है शुभ संयोग

Tue, 09 Sep 2014 04:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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पितरों के पूजन के लिए सोलह श्राद्ध का शुभारंभ मंगलवार से हो गया है। ज्योतिष आचार्यों का दावा है कि इस बार श्राद्ध कई शुभ संयोग लेकर आया है। श्राद्ध 24 सितंबर तक रहेंगे । इस दौरान श्राद्ध करने वालों को पूर्वजों का आशीष मिलेगा।
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पूजन से पितर दोषों से निजात भी मिलेगी। 16 में से पांच दिन विशेष शुभ फलदायी संयोग बनेंगे। ज्योतिषाचार्य जेआर शर्मा के अनुसार पितृ पक्ष के सोलह दिनों में पांच शुभ संयोग सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि. सोम पुष्य नक्षत्र के रहेंगे।

पंडित मस्त राम के मुताबिक 09 सितंबर शुभ माना गया है। वहीं अब 11 सितंबर को स्वार्थ सिद्धि योग सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन दोपहर 12:20 तक रहेगा। यही योग 15 और 18 सितंबर को भी बनेगा। 19 सितंबर को पुष्य नक्षत्र रहेगा।
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किस दिन किसके श्राद्ध
पंचमीः 13 तारीख को पंचमी या कुवांरा श्राद्ध होगा। इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई है।

नवमीः 17 सितंबर को नवमी श्राद्ध है। इसे मातृ नवमी भी कहते हैं। इस तिथि को माता के श्राद्ध के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन श्राद्ध करने से कुल की सभी दिवंगत महिलाओं का श्राद्ध हो जाता है।

एकादशी और द्वादशीः 19 और 20 सितंबर को एकादशी और द्वादशी तिथि पर उन लोगों का श्राद्ध किए जाने का विधान है जिन्होंने सन्यास लिया हो।

चतुर्दशी श्राद्धः 22 सितंबर को चतुर्दशी पर उन परिजनों के श्राद्ध किए जाते हैं जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो। पानी में डूबने, विष खाने से, पहाड़ से गिरने और सड़क दुर्घटना या हत्या कर दी गई हो।

सर्व पितृ अमावस्याः सर्व पितृ अमावस्या पर 24 सितंबर को ज्ञात और अज्ञात सभी पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध भी किया जा सकता है, जिनकी मृत्यु और दिन के बारे में मालूम न हो।
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