अगर आप मोटापे से परेशान हैं तो चिंतामुक्त हो जाएं। अब प्रदेश में ही इसका उपचार संभव होगा। हिमाचल के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में शनिवार को पहली बार बेरियाट्रिक सर्जरी हुई। इसके शुरू होने से मरीजों के पेट की चर्बी निकाली जाएगी। सर्जरी के बाद ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट और घुटने की बीमारियां भी कम हो जाएंगी।
आईजीएमसी में शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर जिला सोलन के रहने वाले मरीज की इस तरह की पहली लाइव सर्जरी की गई। शुभारंभ पर पहुंचे सीएम जयराम की मौजूदगी में बेरियाट्रिक सर्जरी की मशीन का ट्रायल किया गया। आईजीएमसी में बेरियाट्रिक सर्जरी की सुविधा न होने से मोटापे की समस्या से ग्रस्त मरीजों को भारी परेशानी होती थी।
बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए मरीजों को बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब आईजीएमसी की फैकल्टी और जूनियर डॉक्टर भी प्रशिक्षित होकर जल्द यह सर्जरी कर पाएंगे।
बेरियाट्रिक सर्जरी के दौरान मरीज के पेट के आंतरिक हिस्से से चर्बी ऑपरेशन कर निकाली जाती है। इस दौरान ध्यान रखा जाता है कि मरीज को कम और उसकी जरूरत के हिसाब से खाना दिया जाए।