शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) परिसर में ग्रीन हाउस के भीतर अवैध तरीके से फोटोस्टेट मशीन लगा दी गई। हैरत इस बात की है कि दर्जनों सुरक्षा कर्मचारियों से घिरे रहने वाले प्रदेश के इस सबसे बड़े अस्पताल में मशीन किसने लगा रखी है इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं है।
अस्पताल में हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज करवाने आते हैं। प्रबंधन यहां कड़ी सुरक्षा के दावे करता है और हर साल लाखों रुपया इस व्यवस्था पर खर्च भी कर रहा है। ऐसे में कोई व्यक्ति बिना मंजूरी के मशीन लगा जाता है और प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगती यह अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल पैदा करता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर प्रबंधन को यह जानकारी ही नहीं है कि मशीन लगाने की मंजूरी किसने दी है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
अस्पताल में पहले भी यहां अवैध तरीके से फोटोस्टेट मशीन लगाई गई थी। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने 28 जून को मशीन को हटा दिया था। लेकिन अब चौदह दिन बाद फिर से फोटोस्टेट मशीन लगा दी है। इसमें बिजली भी अस्पताल प्रबंधन की ही इस्तेमाल की जा रही है। ऐसे में पूर्व में की गई कार्रवाई भी सवाल उठ रहे हैं कि संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया गया? बिना किसी मंजूरी के अस्पताल परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां करने पर रोक है। लेकिन आईजीएमसी में फोटोस्टेट के चल रहे इस अवैध कारोबार पर अस्पताल प्रबंधन कुछ नहीं कर पा रहा। अस्पताल में हर रोज सैकड़ों की तादाद में फोटोस्टेट की जाती है। सूत्रों के मुताबिक एक दिन में ही यहां हजार से लेकर डेढ़ हजार रुपये तक का कारोबार हो जाता है।
कड़ी कार्रवाई करेगा अस्पताल प्रबंधन
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि उनके पास शिकायत आई है। अस्पताल प्रबंधन इस व्यक्ति के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
नहीं ली गई है एनओसी : गुलेरिया
आईजीएमसी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर वीएस गुलेरिया ने बताया कि अस्पताल में मशीन लगाने को लेकर किसी भी तरह की एनओसी उनसे भी नहीं ली गई है।