प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज इंदिरा गांधी मैडीकल कॉलेज अस्पताल में एक साथ 7 टेस्ट बंद हो गए हैं। इन टैस्टों के बंद होने से मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं और अब उन्हें ये टेस्ट निजी लैब से करवाने पड़ रहे हैं। हैरत इस बात की है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में एकसाथ इतने टेस्ट बंद होना भारी लापरवाही को उजागर करता है।
बंद टेस्टों में पीसीआर, प्रोलैक्टिल, थायरायड, पीएसए, एचबीएसएजी और एफएसएच आदि शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार टेस्ट किटें खत्म होने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। आईजीएमसी में एसआर लैब के खुलने के बाद कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। टेस्टों के लिए मरीजों को जगह-जगह भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एसआरएल लैब में 12 बजे के बाद टेस्ट- आईजीएमसी की अपनी लैब में 12 बजे तक टेस्ट की व्यवस्था है। इसके बाद एसआरएल लैब में टेस्ट होते हैं, ऐसे में सुबह 8 बजे से आरंभ होने वाले टेस्ट भी आईजीएमसी में नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण इन मरीजों को भी निजी लैब का ही रुख करना पड़ रहा है। आईजीएमसी में पीसीआर, थायरायड, एचबीएसएजी, पीएसए,प्रोलैक्टिल,एलएच और एफएसएच के बंद होने से मरीजों को निजी क्लीनिकों में इनके अधिक रेट चुकाने पड़े रहे हैं।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डा. रमेश चंद ने बताया कि कुछ टेस्ट बंद हुए हैं। इन्हें जल्द शुरू करवा दिया जाएगा। किट के समाप्त होने के कारण ये टेस्ट बंद हो गए हैं। किट मंगवा ली गई है। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। छुट्टियां खत्म होते ही किट यहां पहुंच जाएगी।