इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कर्मचारियों को मिलने वाले आवास पिछले डेढ़ साल से कर्मचारी नेताओं और अस्पताल प्रबंधन की आपसी खींचतान की वजह से आवंटित नहीं हो पा रहे हैं। आवास अलाटमेंट के लिए कॉलेज प्राचार्य को चेयरमैन नियुक्त किया गया है लेकिन कर्मचारी संघ की लॉबिंग की वजह से कुछ नहीं कर पा रहे।
इसका खामियाजा उन कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है जो बरसों से सरकारी आवास की बाट जोह रहे हैं। आवास आवंटन के लिए अस्पताल प्रबंधन बैठक की तारीख रखते हैं, बैठक में संबंधित अधिकारी मौजूद भी रहते हैं लेकिन आवास आवंटन पर फैसला नहीं हो पाता। इस कारण कर्मचारियों में भी रोष है।
आवास अलाटमेंट के लिए काफी खींचतान चली हुई है। मौजूदा समय में आठ से दस फ्लैट डेढ़ साल से खाली पड़े हुए हैं। इन्हें देने के लिए प्रशासन लगातार आनाकानी कर रहा है। प्रशासन इन आवासों को केवल अपने चहेतों को ही
आवंटित करना चाहता है, लेकिन कोई इसका विरोध न कर दे, इसलिए कदम नहीं उठाया जा रहा। कर्मचारियों में रोष है कि उन्हें आवास आवंटित नहीं किए जा रहे हैं। ज्यादा किराया देकर मकानों में रहना पड़ रहा है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन आवास आवंटित नहीं कर पा रहा है। कहा कि आवास आवंटन की तारीख तय की जाए और वरिष्ठता के आधार पर आवास
आवंटन किया जाए। अगर वरिष्ठता सूची को दरकिनार कर अपने चेहतों को आवास दिए गए तो कर्मचारी संघ प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेगा।