राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज और तीमारदार मुश्किल में हैं। यहां दो दिन से लिफ्ट खराब है।
टेस्ट कराने के लिए गंभीर मरीजों को पीठ पर उठाकर लाया और ले जाया जा रहा है। जो मरीज स्ट्रेचर या व्हील चेयर पर हैं, उनके तीमारदारों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी से अपने पिता किशोर (78) के दिल का इलाज कराने आईं कौशल्या देवी ने बताया कि लिफ्ट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय राकेश को भी पिता के टेस्ट के लिए एक से दूसरी मंजिल तक उठाकर ले जाना पड़ा।
अधिवक्ता सुमित शर्मा का कहना है कि लिफ्ट बंद होने से दिल के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में डायलिसिस का वाटर प्यूरिफायर खराब होने से किडनी के मरीजों का डायलिसिस नहीं हो पा रहा है। डायलिसिस कराने पहुंचे योगेश्वर कंवर (चेतन) ने बताया कि डेढ़ हफ्ते से डायलिसिस नहीं हो पा रहा।
पहले वे डायलिसिस कराने कुमारहट्टी गए और अब सोलन जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी को राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल कहते हैं पर सुविधाएं न के बराबर हैं।
डिप्टी एमएस डा. राहुल राव ने बताया कि लिफ्ट को मरम्मत की वजह से बंद किया गया है। डायलिसिस का वाटर प्यूरिफायर खराब है, जिसके लिए मेकेनिक को बुलाया गया है। इसे जल्द ही ठीक करवा लिया जाएगा।