अस्पताल में लटक सकते हैं मरीजों के ऑपरेशन, दुकानदार भुगतान न होने से दवाएं और सामान देने में कर रहे आनाकानी
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5 लाख तक का योजना में मिलता है मुफ्त उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में स्वास्थ्य योजना के तहत मुफ्त सेवा पाने वाले मरीजों को आने वाले दिनों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
सबसे अधिक परेशानी ओपन हार्ट सर्जरी वाले मरीजों को होगी। यह उपचार काफी महंगा है। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का उपचार मुफ्त में मुहैया करवाती है। इसके लिए मरीजों को अस्पताल में दाखिल होने के बाद डॉक्टरों के माध्यम से पैकेज बनवाना पड़ता है। इसके बाद योजना के तहत निजी दुकानों सेे दवाएं और अन्य सर्जरी का सामान मुफ्त में मिलता है। बिलों का भुगतान प्रदेश सरकार करती है लेकिन कुछ माह से सरकार हिमकेयर योजना के तहत इन दवा संचालकों को भुगतान नहीं कर पाई है। यह धनराशि अब करोड़ों रुपये पहुंच गई है। सरकार अगर जल्द पैसों की अदायगी नहीं करती है तो हृदय रोग के मरीजों की ओपन हार्ट सर्जरी पूरी तरह बंद हो जाएगी। इसके अलावा मरीजों के अन्य बीमारियों के ऑपरेशन भी रुक सकते हैैं।
सरकार की ओर से हिमकेयर योजना के तहत अकेले आईजीएमसी को 58 करोड़ रुपये की राशि अदा करनी है। लेकिन पिछले तीन माह से राशि का आंवटन न हो पाने के कारण अब सप्लायरों ने सामान देने से मना करना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि आईजीएमसी के अलावा प्रदेश के अन्य अस्पतालों में काम चलाना मुश्किल हो गया है। यही रहा तो आने वाले कुछ दिनों बाद स्थिति भयावह हो जाएगी। अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं।
सरकार के ध्यान में है मामला
योजना के तहत राशि आंवटन का मामला सरकार के ध्यान में है। जल्द ही यह आवंटित कर दी जाएंगी। -देवेंद्र, नोडल अधिकारी, आईजीएमसी
अस्पताल बकाया राशि
आईजीएमसी 58 करोड़ केएनएच 1.5 करोड़
टांडा 40 करोड़
हमीरपुर 70 लाख