अब एक ही लैब में की जा रही सैंपलों की जांच, देरी से मिल रही रिपोर्ट
क्रॉसर
एक दिन में होती है एक हजार सैंपलों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में चल रही कोरोना सैंपल टेस्ट करने वाली लैब बंद कर दी है। लैब बंद होने से कॉलेज में टेस्टिंग का काम ठप हो गया है। अब आईजीएमसी के ओपीडी ब्लॉक स्थित दूसरी आरटीपीसीआर लैब में ही कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है। एक ही लैब में भारी संख्या में कोरोना सैंपल जांच के लिए आने से टेस्ट रिपोर्ट मिलने में अब देरी हो रही है।
अस्पताल में लैब में तकनीशियनों की कमी हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ कर्मियों ने पद से इस्तीफा दे दिया है। कमीशन के जरिये दोबारा इनकी यहां पर सिलेक्शन हुई है लेकिन अब यह कर्मचारी इस विभाग में कार्य करना नहीं चाह रहे। लिहाजा मेडिकल कॉलेज में काम बंद पड़ा है। अस्पताल में रोजाना आठ सौ से एक हजार के करीब सैंपल जांच के लिए आते हैं। इनमें शिमला, किन्नौर, बिलासपुर, कुल्लू और काजा से सैंपल आते हैं लेकिन अब एक ही लैब में कार्य होने के कारण रिपोर्ट में देरी हो रही है। कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है।
नए कर्मचारी को हो सकती है तैनाती
अस्पताल में तकनीशियनों की कमी है। नए लोगों की सिलेक्शन हुई है। इनकी पैथोलॉजी और इमरजेंसी लैब में ड्यूटी लगाई जा सकती है। पहले जिन कर्मियों की आरकेएस के तहत भर्ती की थी उन्हें काफी कम वेतन दिया जाता था। सुबह से लेकर देररात तक लैब में काम लिया जाता है।