हर रोज दोनों अस्पतालों में दर्जनों मरीजों को लिखे जाते विटामिन के टेस्ट, निजी क्रस्ना लैब में लग रही हैं लाइनें
लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में कराना पड़ रहे टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में भले ही सरकार ने रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई हों लेकिन सामान्य जांच के लिए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) और दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में भी विटामिन जांच सरकारी लैब में नहीं हो रही है। दोनों अस्पतालों में यह सुविधा क्रस्ना लैब के माध्यम से उपलब्ध है, लेकिन वहां मरीजों को घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। क्रस्ना लैब सरकार द्वारा अधिकृत की गई है लेकिन यहां भीड़ अधिक होने से मरीजों को परेशानी होती है। इससे कई मरीज लाइन देखकर निजी लैब का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं, जहां उन्हें विटामिन जांच के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
आईजीएमसी में छह माह से सरकारी लैब में विटामिन जांच की सुविधा बंद है। वहीं डीडीयू अस्पताल में विटामिन जांच की मशीन लंबे समय से खराब है। मशीन को अब तक ठीक नहीं करवाया है। दोनों अस्पतालों में हड्डी रोग, मेडिसिन सहित अन्य विभागों के चिकित्सक मरीजों को विटामिन जांच लिख रहे हैं। मरीज पहले सरकारी लैब में पहुंचते हैं, लेकिन वहां जांच न होने की बात कहकर उन्हें क्रस्ना लैब भेज दिया जाता है। क्रस्ना लैब में लंबी कतारें देखकर कई मरीज निजी लैब में जांच करवाना ही बेहतर समझते हैं।
कोट
वर्तमान में विटामिन के टेस्ट नहीं हो रहे हैं। मशीन उपलब्ध करवाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है। जल्द ही सरकारी लैब में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी जिससे मरीजों को राहत मिलेगी। फिलहाल क्रस्ना लैब में यह जांच की जा रही है।
-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू अस्पताल