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Shimla News: पानी का प्रेशर कम है तो कंपनी बिछाएगी नई लाइन

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कंपनी कर रही शहर में सर्वेक्षण, लोगों की राय पर बनेगी पानी आपूर्ति की नई योजना
अक्तूबर में पूरा होगा सर्वेक्षण, साल के अंत में शुरू होगा नई लाइन बिछाने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पानी के कम प्रेशर के कारण शहरवासियों को अब परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा जिन लोगों के घरों में पानी कम प्रेशर से आ रहा है, वह कंपनी को इसकी जानकारी दे सकते हैं।
कंपनी नई पेयजल लाइन बिछाएगी जिससे भरपूर पानी मिलेगा। 24 घंटे पानी देने की योजना का जिम्मा संभाल रही स्वेज इंडिया कंपनी इसके लिए शहर में सर्वेक्षण कर रही है। कंपनी के प्रतिनिधि हर वार्ड में घर-घर जाकर लोगों से पेयजल से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। साथ ही लोगों की शिकायतें और सुझाव भी सर्वे में शामिल किए जा रहे हैं। अक्तूबर तक सभी 34 वार्डाें का यह सर्वेक्षण पूरा किया जाना है। इस सर्वेक्षण के आधार पर शिमला शहर में 24 घंटे पानी देने का नया प्लान तैयार होगा। शहर में कुल कितने नए कनेक्शन देने की जरूरत है, किन इलाकों में कम प्रेशर की समस्या है और कहां पर पेयजल लाइनें बिछाना जरूरी है, इसकी योजना तैयार की जाएगी।
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साथ ही वार्डाें में पेयजल टैंकों के निर्माण का भी प्लान तैयार किया जाएगा। 24 घंटे पेयजल योजना के तहत करीब 12 मीटर ऊंचे भवनों तक बिना किसी पंप की मदद से पानी की आपूर्ति प्रेशर के साथ की जानी है। साल के अंत से शहर में नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम शुरू हो सकता है।




ड्रोन से हर भवन का हो रहा सर्वेक्षण
पेयजल कंपनी के अनुसार सतलुज पेयजल योजना के तहत शहर के हर भवन का ड्रोन से सर्वेक्षण किया जा रहा है। हर भवन की मैपिंग कर पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। 15 से ज्यादा वार्डाें में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि स्वेज इंडिया कंपनी शहर में सर्वेक्षण कर रही है। ड्रोन से भी वार्डों में सर्वे चल रहा है। नई योजना में लोगों की जरूरत के अनुसार शहर में पानी की आपूर्ति दी जानी है।
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अभी इन वार्डाें में रहती है समस्या
शहर के खलीनी, जाखू, न्यू शिमला, पटयोग और समरहिल आदि इलाकों में पानी के कम प्रेशर की शिकायतें आती हैं। शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां अब आबादी काफी बढ़ गई है। यहां पुरानी पेयजल लाइनों से नए कनेक्शन की संख्या कई गुना बढ़ गई है। इसके चलते यहां अब बड़े आकार वाली नई लाइनें बिछाने की जरूरत है।
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