सांसद ने भट्ठाकुफर में प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा
बोले सरकार ने गंभीरता से नहीं सुनीं जनता की शिकायतें, केंद्र में उठाएंगे यह मामला
बचाए जाएंगे खतरे की जद में आए मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। भट्ठाकुफर में फोरलेन निर्माण से प्रभावित क्षेत्र का सांसद सुरेश कश्यप ने सोमवार को दौरा किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
सांसद ने कहा कि जिन परिवारों के घरों को फोरलेन निर्माण के कारण नुकसान हुआ है, उनकी पूरी भरपाई की जाएगी। इसके लिए मुआवजा देने का मामला केंद्र और प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय विधायक और मंत्री पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के बार-बार आग्रह के बावजूद भी उन्होंने इस गंभीर समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते उचित कदम उठाए गए होते तो आज लोगों को यह खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता।
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि अब तक भट्ठाकुफर के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कोई भी ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। यदि राज्य सरकार ने समय रहते इस समस्या को केंद्र सरकार के भूतल एवं परिवहन मंत्रालय के समक्ष उठाया होता, तो इसका कोई समाधान निकल सकता था।
सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि वह इस विषय को लेकर केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे और इस पर ठोस निर्णय लेने का आग्रह करेंगे। उन्होंने एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक आनंद कुमार दहिया से भी इस विषय पर चर्चा की।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जो परिवार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं, उनका किराया एनएचएआई की ओर से अदा किया जाएगा। जहां-जहां जमीन धंसने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है, वहां युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। जिन स्थानों पर पक्के डंगे (रिटेनिंग वॉल) की आवश्यकता है, वहां एनएचएआई मजबूत कंक्रीट डंगे लगाएगा।
विधायक पर राजनीति का आरोप
जिला शिमला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने सांसद को बताया कि पिछले वर्ष जब ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर गावर कंपनी का कार्य रुकवाया था, उस समय स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोगों को आश्वासन देकर कंपनी का कार्य दोबारा शुरू करवाया, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रेम ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक इस गंभीर मुद्दे को सुलझाने की बजाय राजनीति कर रहे हैं। इससे लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं।