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उद्योगों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो एक करोड़ तक जुर्माना, बोर्ड करेगा कार्रवाई

Fri, 22 Nov 2019 09:17 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
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सांकेतिक तस्वीर
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बीबीएन में चल रहे उद्योगों में पिछले पांच साल का डाटा एकत्र करेगा। इस डाटा के अनुसार यदि उद्योगों में प्रदूषण का स्तर बढ़ते क्रम में पाया गया तो बड़े उद्योग पर एक करोड़, मध्यम पर 50 लाख और लघु उद्योग पर 25 लाख रुपये जुर्माना किया जाएगा। प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी शुक्रवार को बीबीएन में दौरे पर थे।

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नेगी ने कहा है कि एनजीटी औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला में बढ़ते प्रदूषण पर चिंतित है और बोर्ड को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र के जलवायु में अत्यधिक प्रदूषण होने से एनजीटी ने इस क्षेत्र में नया उद्योग स्थापित करने पर रोक लगा दी है। वहीं प्रदेश सरकार ने भी प्रदूषण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि जिन उद्योगों ने अपने उद्योग में जरूरी उपकरण स्थापित नहीं हैं, उन्हें जल्दी लगाएं वरना जुर्माना वसूला जाएगा।

उन्होंने उद्योग संगठनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। आदित्य नेगी ने विभागों के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने विभाग के कार्य समय से पहले करवाएं। उन्होंने उद्योगपतियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने उद्योगों में ईटीपी प्लांट, वायु प्रदूषण और जल को शुद्ध बनाने वाले यंत्र जल्द स्थापित करें। 

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उद्योगों का डाटा एकत्र करेगा बोर्ड 

इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल, उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक, गत्ता उद्योग संघ महामंत्री अशोक राणा, बीबीएनआईए के संरक्षक राजेंद्र गुलेरिया, शैलेष अग्रवाल, आईजेएमएस सिद्धू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग पुरी, ईटीपी संचालक अशोक शर्मा, बरोटीवाला ल्यूब के अध्यक्ष संजीव शर्मा, आलोक सिंह, कुलवीर जमवाल, दीपक भंडारी, बीबीएनडीए के डिप्टी सीईओ सुधीर शर्मा, नप कार्यकारी अधिकारी रणवीर वर्मा मौजूद रहे। 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब बीबीएन में चल रहे उद्योगों में पिछले पांच साल का डाटा एकत्र करेगा। इस डाटा के अनुसार यदि उद्योगों में प्रदूषण का स्तर बढ़ते क्रम में पाया गया तो उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदित्य नेगी ने कहा कि समस्त उद्योगों का पांच साल का डाटा एकत्रित करेंगे और अगर किसी का प्रदूषण पिछले साल से ज्यादा बढ़ता है तो उस पर कार्रवाई करते हुए बड़े उद्योग पर एक करोड़, मध्यम पर 50 लाख और लघु उद्योग पर 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। 
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