40 किमी से अधिक दूरी की बसें सीधे आईएसबीटी जाएंगी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी की 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसें मंगलवार को भी पुराना बस स्टैंड पहुंची। परिवहन विभाग के आदेशों के बावजूद एचआरटीसी की बसों के शहर में प्रवेश को लेकर अब विभाग ने कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को नियमों की अवहेलना करने पर चालान काटने के आदेश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के साथ पिछले दिनों हुई निजी बस ऑपरेटरों की बैठक के बाद उपायुक्त शिमला के वर्ष 2011 के आदेशों के लागू करने पर सहमति बनी थी। बैठक में एचआरटीसी के अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद निर्णय लिया था कि अब शिमला शहर से 40 किलोमीटर से अधिक दूरी से चलने वाली एचआरटीसी की बड़ी बसें पुराना बस स्टैंड नहीं आएंगी। अपर शिमला से आने वाली ऐसी बसें टॉलैंड से खलीनी होकर आईएसबीटी और सोलन, अर्की समेत अन्य क्षेत्रों से आने वाली बसें बालूगंज और टुटीकंडी क्रॉसिंग से होकर सीधा आईएसबीटी जाएंगी।
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वर्ष 2011 में इसको लेकर अधिसूचना जारी की थी लेकिन आज तक इस व्यवस्था को लागू नहीं किया था लेकिन अब शहर में हर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए आदेशों को लागू करने का फैसला लिया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान काटे जाएं। निजी बस ऑपरेटर और चालक-परिचालक यूनियन का कहना है कि शहर में लगे वाले जाम के कारण एचआरटीसी की बड़ी बसें हैं। इस वजह से शहर में लंबा ट्रैफिक जाम लगता है और लोगों को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मांग को लेकर पिछले दिनों निजी बस ऑपरेटर चालक-परिचालक संघ ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था। इसके बाद आरटीओ शिमला, एचआरटीसी और निजी ऑपरेटरों की संयुक्त बैठक में बड़ी बसों का शहर में प्रवेश नहीं होने का निर्णय लिया था।
बड़ी बसों से लग रहा जाम, जल्द लागू हों आदेश
शिमला प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान ने बताया कि एचआरटीसी की बड़ी बसों के कारण शहर में जाम लग रहा है। चालक-परिचालकों ने दो टूक कहा है कि अगर जल्द यह व्यवस्था लागू नहीं हुई तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे।