हिमाचल काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अफसरों के तबादले सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिश पर होंगे। प्रदेश में पहली बार सिविल सर्विसेज बोर्ड के गठन की वीरवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है।
किसी भी अफसर का तबादला दो साल के भीतर करने के लिए बोर्ड के समक्ष कारण बताना होगा। मुख्यमंत्री के पास बोर्ड की सिफारिश को बाईपास करने का अधिकार होगा, हालांकि उन्हें ठोस कारण का उल्लेख करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। इससे पहले कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए गठित बोर्ड में तीन अधिकारी शामिल होंगे।
इसमें मुख्यसचिव को बोर्ड का चेयरमैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव कार्मिक को सदस्य और प्रधान सचिव कार्मिक या सचिव कार्मिक को सदस्य सचिव बनाया गया है। भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के तबादले के लिए पांच सदस्यीय बोर्ड गठित होगा।
इसमें उक्त तीन पदाधिकारी वहीं रहेंगे, जबकि दो नए सदस्य होंगे। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव गृह और डीजीपी सदस्य होंगे। इसी तरह भारतीय वन सेवा के अफसरों के लिए तीन पदाधिकारी वहीं होंगे। दो सदस्य अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव वन और प्रधान मुख्य अरण्यपाल सदस्य होंगे।
'प्रदेश में अब सर्विसेज बोर्ड की सिफारिश पर ही तबादले होंगे। दो साल से पहले किसी अफसर का तबादला करने के लिए ठोस कारण बताना होगा। इसके बाद ही बोर्ड स्तर पर कोई निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड की सिफारिशों को सरकार के पास भेजा जाएगा।' -एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव कार्मिक