बहरहाल, सूचना मिलने पर पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने के प्रयास किए गए लेकिन पूरा मंदिर आग की भेंट चढ़ गया। बताया जा रहा है कि जलने के बाद छत नीचे गिरी, जिसके बाद लोगों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में न तो फायर टेंडर की सुविधा है और ना ही आग की घटना में रेस्क्यू के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता।
आवासीय आयुक्त पांगी चमन लाल शर्मा ने बताया कि आग की चपेट में आने से उपरोक्त मंदिर राख हो गया है। मंदिर के जीर्णोद्घार के कार्य में स्थानीय प्रशासन किलाड़ प्रजामंडल का पूरा सहयोग करेगा। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।