ऐसे में अब निदेशालय ने उपनिदेशकों के माध्यम से जानकारी नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार के ध्यान में आया है कि कई निजी स्कूल बिना मान्यता प्राप्त किए खुले हैं।
ये स्कूल निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग एक्ट 1997 की अवहेलना कर रहे हैं। शैक्षणिक सत्र समाप्त होने पर ऑडिट रिपोर्ट भी नहीं दे रहे हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूलों को दिया गया एनओसी रद्द कर दिया जाएगा।