सुबाथू में शहीद भीम बहादुर पुन का अंतिम संस्कारम बहादुर पुन का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर में नियंत्रण रेखा पर गश्त के दौरान ग्लेशियर की चपेट में आने से शहीद हुए सोलन के सुबाथू के जवान भीम बहादुर पुन (27) की पार्थिव देह पांच दिन बाद रविवार को उनके पैतृक निवास नयानगर पहुंचाई गई। चंडीगढ़ से सेना के वाहन में रविवार सुबह 9 बजे शहीद की पार्थिव देह को सुबाथू पहुंचाया गया।
इसके बाद नयानगर में पार्थिव देह पहुंचते ही उनकी धर्मपत्नी मेताली पुन, बहन निधि, मां मालती और पिता विजय बहादुर और रिश्तेदारों की चीत्कार सुनकर पूरा गांव रो पड़ा। शहीद के माता-पिता ने तिरंगे में लिपटकर आए अपने लाडले के अंतिम दर्शन किए। भीम बहादुर घर के इकलौते चिराग थे और 10 माह पहले ही शादी हुई थी।
सेना के पाइप बैंड की मातमी धुन के साथ पार्थिव देह श्मशानघाट ले जाई गई। इस दौरान सेना के जवानों व स्थानीय लोगों ने ‘भीम बहादुर पुन अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा भीम बहादुर तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाए। शहीद के पिता विजय बहादुर ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। सैकड़ों नम आंखों और 24 राउंड फायरिंग के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।
मंत्री समेत ये रहे मौजूद
शहीद को श्रद्धांजलि देने सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र सुबाथू के कमांडेंट ब्रिगेडियर एचएस संधू , सुबाथू कैंट बोर्ड के सीईओ दिवांशु चौधरी व अन्य सैन्य अधिकारी, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, विनोद सुल्तानपुरी, एसडीएम सोलन रोहित राठौर, डीएसपी परवाणू, एसएचओ धर्मपुर, नायब तहसीलदार कुठाड़, सैनिक कल्याण बोर्ड सोलन सिरमौर के उपनिदेशक मेजर दीपक धवन आदि मौजूद रहे।