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होटलों में करवाई जा रही थी बंधुआ मजदूरी, फिर पुलिस ने की ये कार्रवाई

Tue, 26 Sep 2017 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
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दिल्ली की एक एनजीओ की मदद से नामी होटलों और पोल्ट्री फार्मों में बतौर बंधुआ मजदूर काम कर रहे लगभग एक दर्जन मजदूरों को सोमवार को छुड़ाया गया। इसके बाद उन्हें एसडीएम ऊना पृथीपाल के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें घर भेजने के आदेश हुए। 
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एसडीएम के निर्देशों पर पीड़ित मजदूरों को होटलों और पोल्ट्री फार्म के मालिकों से लगभग चार लाख रुपये मुआवजा भी दिलवाया गया। अब इन मजदूरों को इनके गृह क्षेत्रों को भेजा जा रहा है। जबकि एक टीम गठित कर आरोपी दलाल रामविलास को दबोचने के लिए भेज दी गई है।  

जानकारी के अनुसार मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरों के पक्ष में आवाज उठाने वाली दिल्ली की नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ बांडेड लेबर ने 12 बंधुआ मजदूरों को छुड़वाने में सफलता हासिल की है। 
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एनजीओ की शिकायत पर जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर ऊना जिला के दो नामी होटलों और एक पोल्ट्री फार्म से इन मजदूरों को छुड़वाया। एनजीओ के संचालक निर्मल गुराना ने बताया कि उनकी संस्था के पास शिकायत आई थी, जिस पर संस्था ने अभियान चलाकर रैकेट का पर्दाफाश किया है। 

बताया जा रहा है सभी मजदूर दिल्ली के एक ठेकेदार द्वारा लगभग छह माह पहले जिला ऊना के विभिन्न स्थानों पर काम पर लगाए गए थे। लेकिन इन्हें आज दिन तक न ही वेतन मिला और न ही सुविधाएं दी गईं। 

आरोपी दलाल इन होटल मालिकों से मजदूरों को मिलने वाला वेतन लेकर चलता बना। तब से ये बंधुआ मजदूर बनकर काम कर रहे थे। ये मजदूर त्रिपुरा व आसाम के रहने वाले हैं। गौर हो कि ऊना जिला में ईंट भट्टों पर ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन होटलों और मुर्गीखाने में इस तरह के मामले पहली बार सामने आए हैं। 

एसडीएम ने पीड़ितों को दिलाया चार लाख मुआवजा
एसडीएम ऊना पृथीपाल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि बंधुआ मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित मजदूरों को चार लाख रुपये के करीब मुआवजा दिलवाया गया है। इनको इनके गृह क्षेत्र में भेजने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बंधुआ मजदूरी को सहन नहीं किया जाएगा। मामला मानव तस्करी से तो नहीं जुड़ा है, इसकी भी जांच की जा रही है।

एजेंट ने उपभोक्ता के खाते से निकाले 20 लाख रूपये

डाकखाने के एक एजेंट पर उपभोक्ता के खाते से 20 लाख रुपये निकालने का आरोप लगा है। पीड़ित उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत नंगल पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी एजेंट के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं। 

जानकारी के अनुसार जिला ना के देहलां निवासी केवल कृष्ण ने शिकायत दर्ज करवाई है कि नंगल का एक एजेंट डाक विभाग में बचत खाते और एफडी करने का काम करता है। उसके पास उन्होंने बचत खाता एवं एफडी करवा रखी थी। वह खाते की पास बुक पास की रखता था।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि कथित एजेंट ने हेराफेरी करते हुए खाते से 20 लाख रुपये की राशि निकाल ली। जब इसका पता चला तो एजेंट ने उसे 25 लाख का चेक दे दिया, लेकिन आरोपी एजेंट की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया। इसके बाद पैसे वापस करने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को सौंपी। उधर, नंगल थाना प्रभारी पवन चौधरी ने बताया कि देहला निवासी केवल कृष्ण की शिकायत पर एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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जहरीला पदार्थ खाने से युवक की मौत

पुलिस थाना हरोली के तहत गांव सिंगा में एक 19 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। युवक की पहचान दलजीत सिंह पुत्र शमशेर सिंह निवासी सिंगा के रूप में हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले कर दिया है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
युवक ने जहरीला पदार्थ किन कारणों के चलते खाया, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार सिंगा निवासी दलजीत सिंह ने सोमवार सुबह अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे ऊना अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, डीएसपी अजय राणा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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