शिमला की कार्ट रोड पर मलबा और पेड़ गिरने से यातायात बाधित
12 जुलाई को शिमला शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली कार्ट रोड पर यातायात कई घंटों तक ठप रहा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के पास मलबा और एक पेड़ गिरने से सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई थी। यह घटना रविवार सुबह हुई, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अधिकारियों ने भारी मशीनरी की मदद से सड़क साफ करने का काम शुरू किया। इस महत्वपूर्ण मार्ग के दोनों कैरिजवे पर वाहन फंसे रहे। वाहनों को कुछ समय के लिए शिमला बाईपास से वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया। हालांकि, बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी थीं और रविवार के यातायात के कारण वैकल्पिक मार्ग पर भी भारी भीड़ हो गई। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
यातायात पर प्रभाव
कार्ट रोड पर यातायात ठप होने से शहर के विभिन्न हिस्सों में आवागमन प्रभावित हुआ। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को परेशानी हुई। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की।
प्रदेश में पांच दिन बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रहने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 12 से 16 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है।
गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 12 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, जो यात्रा करने वालों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने का संकेत है।
सक्रिय रहेगा मानसून
अगले सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 17 और 18 जुलाई को भी प्रदेश के कई इलाकों में वर्षा की गतिविधियां बने रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि मानसून की सक्रियता अभी बनी रहेगी।
कहां हुई कितनी बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जोगिंद्रनगर में सर्वाधिक 6 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली में 5 सेमी, सराहन में 4 सेमी, रोहड़ू में 3 सेमी और शिमला में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो, सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रशासन ने की अपील
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय भूस्खलन, जलभराव, फिसलन भरी सड़कों, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने जैसी संभावित स्थितियों के प्रति आगाह किया है। इन खतरों को देखते हुए, लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी की गई सलाह का कड़ाई से पालन करें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी नागरिक सुरक्षित रहें और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।