मां काली के दर पर उमड़ी भीड़ परिक्रमा की नहीं मिली इजाजत
शरद नवरात्र के दूसरे दिन भी देवालयों में खूब उमड़ी। कालीबाड़ी मंदिर में सुबह ही लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। दोपहर बाद लाइनें लगना शुरू हो गईं। मंदिर की परिक्रमा की श्रद्धालुओं को इजाजत नहीं दी गई। मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही लोगों को दर्शन के लिए भेजा गया। पेश है लाइव रिपोर्ट :-
शिमला। समय दोपहर 12:30 बजे। स्थान : कालीबाड़ी मंदिर। शरद नवरात्र के दूसरे दिन मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी है। शिमला घूमने आए सैलानियों के साथ स्थानीय लोग स्कैंडल प्वाइंट से होते हुए कालीबाड़ी मंदिर पहुंच रहे हैं।
लोगों ने मंदिर के बाहर लगी दुकानों से प्रसाद खरीदा। मुख्य गेट पर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य कर्मी ने हाथों पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया। इसके बाद एक-एक कर श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग करके उन्हें अंदर भेजा गया। कालीबाड़ी मंदिर में रजिस्टर पर एंट्री भी की जा रही है। लोगों को पहले गेट से मंदिर के गर्भ गृह में भेजा गया। यहां पर लोगों ने कोरोना के बाद पहली बार मंदिर के भीतर से मां के दर्शन किए। एक मिनट के बाद उन्हें बाहर भेज दिया।
दोपहर बाद मंदिर में मां की आरती की गई। पौने एक बजे तक मंदिर में भक्तों की खूब भीड़ लगी रही। भक्तों ने मां की प्रतिमा के आगे शीश नवाया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को मंदिर के भीतर बैठकर दुर्र्गा चालीसा पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। मंदिर में न तो घंटियां बजीं न ही प्रसाद बांटा गया।
मंदिर दर्शन करने श्रवण ठाकुर, रोहित जष्टा, आदित्य सिंह और रमेश कुमार ने कहा कि मंदिर कमेटी ने अच्छे प्रबंध कर रखे हैं। लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मां के दर्शन गर्भ गृह से हो पाएंगे।
राज्यपाल ने परिवार सहित नवाजा शीश
शाम चार बजे के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी मां के दर्शनों के लिए मंदिर आए। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य शामिल रहे। वह कुछ देर यहां रुके इसके बाद वापस लौट आए।
दस-दस लोगों को
भेजा दर्शनों के लिए
मंदिर के भीतर दस-दस लोगों के समूहों को दर्शन के लिए भेजा गया। मंदिर कमेटी के सचिव सोमनाथ प्रमाणिक ने बताया कि मंदिर में अगर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाएगी तो उन्हें मंदिर के बाहर से दर्शन करवाएंगे। शहर के जाखू मंदिर में शुक्रवार को सामान्य संख्या में भक्त भगवान हनुमान जी के दर्शनों के लिए आए। भक्तों को पहले की तरह ही मंदिर में दर्शन करवाए जा रहे हैं। जाखू में शनिवार, रविवार और मंगलवार को अधिक भीड़ रहती है।