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Shimla Fire: सेरी गांव में आग से दो घर जलकर राख, एक गाय और बछड़ा जिंदा जले

Mon, 11 Nov 2024 09:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रोहड़ू
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शिमला के घरों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के तहत समरकोट क्षेत्र के गांव सेरी में सोमवार सुबह आग से दो घर जलकर राख हो गए। इस दुर्घटना में एक गाय और बछड़ा जिंदा जल गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और गांववासियों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, आग लगने से मोहन लाल पुत्र सोहन लाल और कैलाश सिहं कायथ पुत्र शिवसरण दास के पुश्तैनी मकान जलकर राख हो गए हैं। आग सुबह करीब साढ़े चार बजे कैलाश के घर की निचली मंजिल में लगी।
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पता चलते ही घर के लोग घर से बाहर भाग गए। इस दौरान गांव के लोग बचाव और राहत के लिए पहुंचे। मकान लकड़ी का होने के कारण भड़क गई। मोहन लाल और कैलाश सिंह कायथ के पुश्तैनी व नए घर पूरी तरह राख हो गए। गनीमत रही कि किसी भी व्यक्ति को जानी नुकसान नहीं हुआ। कैलाश सिंह के पुश्तैनी मकान की धरातल मंजिल में रखी गई रोशन लाल की एक गाय और एक बछड़ा जल गया। उनके पड़ोसी विश्वानाथ का शादी के लिए खरीदा सामान और राशन भी जलकर राख हो गया है।

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बिजली के खंभों में लटकी थी सर्विस वायर
पटवार वृत भलूण के पटवारी कमलेश कुमार ने बताया कि इस घटना में करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। आग लगने का कारण बिजली का शार्ट सर्किट हो सकता है। जांच में पाया कि घटनास्थल के साथ ही बिजली के खंभों में घरों को जाने वाली सर्विस वायर जलकर लटकी हुई थी। प्रशासन ने पीड़ितों को फौरी राहत प्रदान कर दी है। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने घटनास्थल पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया है। उन्होंने प्रभावितों को उचित सहायता का आश्वासन दिया है। डीएसपी रविंद्र नेगी हादसे की जांच चल रही है। एसडीएम विजय वर्धन ने कहा प्रभावितों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत दी है। प्रभावित परिवारों को गांव में दूसरे के घर में रखा गया है।

अब जलते घरों के उठते धुएं बनकर आंसू मांग रहे सहारा
सरमरकोट क्षेत्र के सेरी गांव में आग से दो परिवारों के घर जलकर राख हो गए हैं। अब दो परिवारों के लोगों की आंखों से जलते घरों के उठते धुएं आंसू बनकर छलक रहे हैं, जो सहारे के लिए दामन मांग रहे हैं। पुश्तैनी घर जलकर राख होने के बाद दो परिवार दूसरों के घरों में सर्दी की रातें गुजारने को मजबूर हो गए हैं। घर के साथ सारा सामान जलकर राख हो गया है। परिवार के लोगों के पास तन के कपड़े के सिवाए कुछ नहीं बचा है। आग की घटना के बाद दूर-दूर से रिश्तेदार और आसपास के गांव के लोग पीड़ितों को ढांढस देने पहुंच रहे हैं।

परिवार की महिलाएं अपनों के साथ मिलकर जले घरों से उठते धुएं को देख कर आंसू नहीं रोक पा रही हैं। प्रभावित परिवारों को ग्रामीणों ने अपने घरों में शरण दी है, लेकिन करीब सात हजार फीट की ऊंचाई पर बसे गांव में लगतार ठंड बढ़ने पर परिवारों को अपने छत की चिंता सताने लगी है। विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने मौके पर पहुंच कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। रिश्तेदार और अन्य गांव के लोग भी मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं, लेकिन परिवार को मलाल हो रहा है कि ताउम्र कमाई से बना घर पल में राख हो गया।

बेटी की शादी के लिए जुटाया सामान जलकर राख
इसी महीने सेरी गांव के कैलाश सिंह के पुश्तैनी मकान में उसके पड़ोसी विश्वनाथ ने अपनी लड़की की शादी के लिए सामान खरीदकर रखा था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आग में खरीदा हुआ सारा सामान और राशन जलकर राख हो गया है। विश्वनाथ की लड़की की शादी इसी महीने तय हुई थी। दो परिवारों को अब अपने घरों के राख होने की चिंता के साथ तीसरे परिवार के शादी समारोह के लिए जुटाए सामान की चिंता भी सता रही है।
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गांव आ जाता चपेट में
आग लगने की सूचना पर गांव के सैकड़ों लोग सहायता के लिए मौके पर पहुंच गए थे। अग्निशमन विभाग के वाहन को भी सहायता के लिए बुलाया था। रोहड़ू से करीब तीस किलोमीटर की दूरी होने के कारण दमकल वाहन को पहुंचने तक पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था। घर में फैली आग के सामने पानी की बौछारों का कोई असर नहीं दिख रहा था। ग्रामीणों और दमकल के प्रयासों से आसपास के घरों को आग की चपेट में आने से बचाया गया। आग पर काबू न होता तो पूरा गांव चपेट में आ जाता।
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