एचएएस एसोसिएशन के भारी दबाव के बावजूद प्रदेश सरकार ने पूर्व एसडीएम पांवटा साहिब एचएस राणा को निलंबित कर दिया। राणा पर एक दलाल के माध्यम से जींद के एक ठेकेदार से खनन की फाइल पर साइन करने के एवज में एक लाख रुपये की घूस लेने का आरोप है।
विजिलेंस ने इस संबंध में 30 जनवरी को मामले में एचएस राणा को चंडीगढ़ से हिरासत में लेने के बाद पांवटा से दो बिचौलियों सुलभ अग्रवाल और रितेश बंसल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 31 जनवरी को राणा को भी आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद कोर्ट ने पहले एक दिन की पुलिस रिमांड और फिर आरोपी एचएएस अधिकारी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। लेकिन सरकार शनिवार दिन तक निलंबन पर निर्णय नहीं कर सकी थी।
सूत्रों का कहना है कि एचएएस एसोसिएशन का आरोप था कि किसी व्यक्ति ने राणा के नाम पर पैसा लिया और विजिलेंस ने जानकर उसे फंसाया है। अफसरों की दलील और दबाव के चलते ही सरकार निलंबर से हिचक रही थी। लेकिन विजिलेंस की ओर से स्थिति साफ करने के बाद सरकार ने निलंबन के आदेश जारी कर दिए।