प्रदेश परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने निगम प्रबंधन से मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिलने के बाद वर्क टू रूल पर दस दिन के लिए ब्रेक लगा दी है। वीरवार को निगम प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन की बैठक के बाद वर्क टू रूल खत्म कर सभी कर्मचारी लौट आए हैं।
वीरवार दोपहर से सभी रूटों पर बस सर्विस सुचारु हो गई है। वीरवार को निगम प्रबंधन के बुलावे पर कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता में बैठक हुई। हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष हरदयाल सिंह, उपाध्यक्ष रूप चंद, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता राजेंद्र सिंघा, सदस्य विद्या सागर, रोशन चौहान, गोपाल लाल, नानक शांडिल, युद्ध राज, हरी लाल, सुखराम, चंद्रमणि सोनी ने प्रबंधन के साथ बैठक की। परिवहन निगम ने आंदोलनरत कर्मचारियों की मुख्य मांगों को पूरा करने के लिए दस दिन का समय मांगा। इस पर समिति ने सहमति दे दी।
10 दिन में मांगें पूरी न हुईं तो दोबारा वर्क टू रूल- कंडक्टर भर्ती पर निगम प्रबंधन हाईकोर्ट में कर्मचारियों की वर्तमान दशा रखेगा। उच्च न्यायालय से जल्द भर्ती करने की अनुमति लेने की गुहार लगाई जाएगी। समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में कंडक्टर 26-26 घंटे लगातार काम कर रहे हैं। उन्हें समय पर अवकाश भी नहीं मिल रहा है। 2600 परिचालकों के पास लगभग पांच लाख साप्ताहिक अवकाश जमा हैं। उन्होंने कहा कि दस दिन में अगर मांगों को माना नहीं गया तो दोबारा वर्क टू रूल शुरू होगा।
ये हैं मुख्य मांगें
20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके कंडक्टरों को दो विशेष वेतन वृद्धियां
चार, छह हजार पर काम कर रहे ड्राइवरों-कंडक्टरों को अधिसूचना के अनुसार वेतन
पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना
ग्रेड पे से वंचित कर्मचारियों और अधिकारियों को ग्रेड पे देना
कर्मचारियों के लंबित ओवरटाइम की अदायगी एकमुश्त करना
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभ जल्द जारी करना
खाली पदों को सरकार की नीति के अनुसार भरना
पंजाब पद्धति पर उप निरीक्षक को पदनाम और वेतन देना
कर्मशालाओं की मरम्मत करवाना
अनुबंध कर्मचारियों की कर्तव्य परायणता के दौरान मृत्यु के उपरांत आश्रित को नौकरी देना
काम पर लौटे सभी कर्मचारी: गौतम
एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक रामकुमार गौतम ने बताया कि बैठक में वर्क टू रूल खत्म करने का फैसला हुआ। मांगों को पूरा करने के लिए दस दिन का समय लिया गया है। सभी कर्मचारी वर्क टू रूल खत्म कर काम पर लौट आए है।