तीन दिन शाम 6:00 से रात 11:00 बजे मिलेगी सेवा
अंतिम सांस्कृतिक संध्या के दिन रात 12:30 बजे तक मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में 15 से 18 जून तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव में उपनगरों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी अतिरिक्त बसें और टेंपो ट्रैवलर चलाएगा।
अतिरिक्त बसें चलने से लोगों को समारोह स्थल में आने और रात को कार्यक्रमों के समापन के बाद लौटने में परेशानी नहीं होगी। एचआरटीसी तीन सेक्टरों में यह सुविधा मुहैया करवाएगा। निगम के मुताबिक पहले तीन दिन 15 से 17 जून तक शाम 6:00 से रात 11:00 बजे तक उपनगरों से बसों और टेंपो ट्रैवलर को चलाया जाएगा। इसके अलावा अंतिम सांस्कृतिक संध्या के दिन स्टार नाइट के समय को देखते हुए शाम 6:00 बजे से रात 12:30 बजे तक बस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। एचआरटीसी के मुताबिक इस सुविधा के तहत पुराने बस स्टैंड से 10 बसें और चार टेंपो टैक्सी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बस सेवा पुराना बस अड्डा से वाया छोटा शिमला वाया संजौली-लक्कड़ बाजार, पुराना बस स्टैंड वाया लक्कड़ बाजार-संजौली छोटा शिमला, पुराना बस अड्डे से आईएसबीटी, पुराना बस स्टैंड से टुटू, पुराना बस अड्डे से मैहली और पुराना बस अड्डे से न्यू शिमला रूट पर चलाई जाएगी। इसके अलावा टेंपों ट्रैवलर पुराना बस स्टैंड से विभिन्न उपनगरों के लिए नियमित अंतराल के बाद चलाई जाएंगी। इसमें लक्कड़ बाजार-संजौली-लक्कड़ बाजार रूट पर दो टेंपो ट्रैवलर, सीटीओ-समरहिल-सीटीओ रूट पर एक टेंपों ट्रैवलर और सीटीओ-टुटू-हीरानगर रूट पर एक टेंपों ट्रैवलर चलाया जाएगा। इसके अलावा एचआरटीसी ने बसों और टेंपों ट्रैवलर की सेवाओं की देखरेख के लिए सब इंस्पेक्टरों को भी तैनात किया है। सब इंस्पेक्टर इन रूटों पर सवारियों की संख्या के अनुसार वाहनों की संख्या को बढ़ाने और कम करने का फैसला ले सकेंगे। इससे ग्रीष्मोत्सव देखने के लिए आने वाले लोगों को आवाजाही करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। एचआरटीसी के मुताबिक इसके अलावा सामान्य दिनों में विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसें और टैंपों ट्रैवलर भी चलती रहेंगी।
कोट
अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव में लोगों की सुविधा के लिए शहर से उपनगरों के लिए नियमित अंतराल के बाद अतिरिक्त बसेें और टेंपों सेवा शुरू की जा रही है। इससे लोगों को समारोह स्थल तक पहुंचने और कार्यक्रम की समाप्ति पर लौटने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। -विनोद शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी