कंडक्टरों के 1300 पदों के लिए सितंबर 2017 में लिखित परीक्षा ली गई थी। करीब 40 हजार युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया था। 3800 युवा लिखित परीक्षा में पास घोषित किए थे।
परिवहन निगम ने इसका परिणाम भी तैयार कर लिया था, लेकिन नतीजे घोषित होने से पहले ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई। आचार संहिता के चलते निगम ने परिणाम घोषित करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिली।
अब इस मामले को निरस्त करने के लिए मंत्रिमंडल बैठक में ले जाया जा रहा है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि सरकार किसी भी विवाद में नहीं फंसना चाहती है। सही तरीके से काम होंगे और निर्णय भी लोगों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। अधिकारियों को इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में लाने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी में प्रशिक्षु कंडक्टरों का नया बैच बैठाने को मंजूरी दे दी है। फरवरी महीने से एचआरटीसी में कौशल विकास निगम के तहत युवाओं को ढाई महीने का प्रशिक्षण मिलना शुरू हो जाएगा। 15 दिन तक कार्यालय में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उसके बाद टिकट काटने के लिए निगम की बसों में चढ़ाया जाएगा। परिवहन निगम ने नई सरकार बनने के सप्ताह के भीतर सरकार को बैच बैठाने की मंजूरी का प्रस्ताव भेजा था।
इन प्रशिक्षुओं पहले की तरह 25 रुपये प्रति घंटा और 70 रुपये नाइट अलाउंस भी मिलेगा। एचआरटीसी में पुराने बैच का प्रशिक्षण इसी महीने पूरा होने जा रहा है। अगला बैच बैठाने को परिवहन निगम ने सरकार से मंजूरी मांगी थी।
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि कौशल विकास निगम के तहत एचआरटीसी में युवाओं को परिचालक का प्रशिक्षण मिलता रहेगा। परिवहन निगम की बसें सड़क पर खड़ी न हों, इसके चलते फाइल को मंजूरी दे दी है।