ऑल इंडिया रोड ट्रांस्पोर्ट वर्कर फेडरेशन के आह्वान पर वीरवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम के 10 हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में बुधवार रात 12 बजे से निगम की 2200 बसें न तो प्रदेश भर में चलेंगी और न ही बाहरी राज्यों में। तकरीबन 3900 रूटों पर सरकारी बसों के पहिये थम जाएंगे। इनमें 700 से अधिक रूट बाहरी राज्यों के हैं।
155 वोल्वो बसों के पहिये भी रुके रहेंगे। एचआरटीसी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ आदि राज्यों में भी अपनी सेवाएं देता है। इससे प्रदेश के लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, निजी बस ऑपरेटर हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के 10 हजार से अधिक कर्मचारी केंद्रीय परिवहन सुरक्षा विधेयक के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से परिवहन निगम को डेढ़ से 2 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान होगा। परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले इस हड़ताल का नोटिस सरकार को दो हफ्ते पहले दे दिया गया था। हड़ताल के कारण निगम ने वोल्वो बसों की 2 हजार के करीब बुकिंग भी रद्द कर दी हैं। भारतीय परिवहन मजदूर संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुभाष ने बताया कि हड़ताल में प्रदेश के सभी परिवहन यूनियनों के11 हजार के अधिक कर्मचारी शामिल होंगे।
परिवहन विभाग ने बनाईं मानीटरिंग कमेटियां
हड़ताल से निपटने के लिए परिवहन विभाग ने मानीटरिंग कमेटियां बनाई हैं। वे हड़ताल के असर पर नजर रखेंगी और यात्रियों को वैकल्पिक साधन मुहैया करवाने का प्रयास करेंगी। निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. आरएन बत्ता का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुख्यालय में नोडल अधिकारी मौजूद रहेंगे। यात्रियों की सुविधा को 94180-00529 नंबर जारी किया गया है।