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एचआरटीसी: पांच साल सेवाएं देने वाले डिप्लोमा प्राप्त पीसमील वर्कर बनेंगे जूनियर तकनीशियन

Sat, 25 Dec 2021 10:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल में पीसमील वर्करों की संख्या करीब 900 है। ये सभी वर्कशॉप में सेवाएं दे रहे हैं। बसों की मरम्मत से लेकर बसों की साफ-सफाई करने का जिम्मा इन पर है। इनमें कई वर्कर ऐसे हैं, जिन्हें सेवाएं देते 8 से 10 साल हो गए हैं, लेकिन इन्हें 10 हजार के करीब मानदेय मिलता है। अब अनुबंध पर आने से इन्हें फायदा होगा।
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एचआरटीसी पीसमील वर्कर- फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप में तैनात डिप्लोमा और बिना डिप्लोमा प्राप्त सभी पीसमील वर्कर अनुबंध पर आएंगे। पांच साल सेवाएं देने वाले डिप्लोमा प्राप्त वर्कर जूनियर तकनीशियन की श्रेणी में आएंगे, जबकि 6 साल का अनुभव प्राप्त बिना डिप्लोमा प्राप्त वर्करों को टायरमैन और वाशरमैन बनाया जाएगा।

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डिप्लोमा प्राप्त होने के बाद इन्हें जूनियर तकनीशियन बनाया जाएगा। निगम प्रबंधन ने आरएम से वर्कशॉप में तैनात सभी पीसमील वर्करों का रिकॉर्ड कार्यालय भेजने के लिए कहा है। इस महीने के अंत तक इन्हें अनुबंध पर लाया जाएगा। 

हिमाचल में पीसमील वर्करों की संख्या करीब 900 है। ये सभी वर्कशॉप में सेवाएं दे रहे हैं। बसों की मरम्मत से लेकर बसों की साफ-सफाई करने का जिम्मा इन पर है। इनमें कई वर्कर ऐसे हैं, जिन्हें सेवाएं देते 8 से 10 साल हो गए हैं, लेकिन इन्हें 10 हजार के करीब मानदेय मिलता है।
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अब अनुबंध पर आने से इन्हें फायदा होगा। दो साल का अनुबंध कार्यकाल पूरा होने के बाद यह नियमित होंगे। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति के महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि समिति सरकार के इस फैसले का स्वागत करती है। इससे सैकड़ों वर्करों को फायदा मिलेगा। 

पीसमील वर्करों को अनुबंध पर लाया जा रहा है। इनका रिकॉर्ड मांगा गया है। वर्करों को अनुबंध पर लाने के दौरान विभिन्न पदों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। जूनियर तकनीशियन के लिए डिप्लोमा के साथ 5 साल का अनुभव जरूरी है। - भूपिंद्र अत्री, कार्यकारी निदेशक परिवहन

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