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आया बड़ा फैसला, नरेश को मिलेंगे 32.61 लाख

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साल 2011 में दीवाली से ठीक पहले बस हादसे में घायल हुए एक व्यक्ति को न्यायालय ने बड़ी राहत दी। लगभग साढ़े तीन वर्ष बाद मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने हिमाचल पथ परिवहन निगम को हादसे के शिकार नरेश को 32,61,770 रुपये की मुआवजा राशि देने के आदेश सुनाए हैं।
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न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एचआरटीसी को यह राशि नौ प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करनी होगी। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता चमन ठाकुर ने बताया कि 24 अक्तूबर 2011 को बिलासपुर-बंदला सड़क मार्ग पर दनोह गांव के समीप एचआरटीसी की बस नंबर एचपी 24 ए-5045 गहरी खाई में गिर गई थी।
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हादसे में घायल हो गया था नरेश

इस हादसे में लगभग 35 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। इनमें नरेश कुमार, पुत्र श्याम लाल, निवासी सिहड़ा भी घायल हुआ था। हादसे के वक्त नरेश कुमार की उम्र 24 वर्ष थी। इस हादसे के बाद नरेश के शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था।

वह चल फिर तक नहीं सकता है। उसने मुआवजे के लिए मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 166 के तहत मोटर एक्सिडेंटल क्लेम्स ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। इस पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने एचआरटीसी को आदेश दिए कि पीड़ित व्यक्ति को 32,61,770 रुपये की राशि बतौर राहत प्रदान करे।

अधिवक्ता चमन ठाकुर ने बताया कि एचआटीसी को यह राशि याचिका दायर करने की तिथि को आधार मानते हुए नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देनी होगी। उन्होंने बताया कि नरेश घर में अकेला कमाने वाला था। उस पर उसकी पत्नी, एक बेटा और बूढ़े मां-बाप निर्भर थे। अधिवक्ता चमन ठाकुर ने बताया कि पीड़ित नरेश कुमार को लगभग 40 लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी।
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