एचआरटीसी सर्व कर्मचारी संगठन ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि जब से हिमाचल में जयराम सरकार बनी है, कर्मचारियों की एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। कर्मचारियों के 13 महीने के ओवर टाइम से लेकर डीए, चिकित्सा बिल, आईआर, ग्रेच्युटी आदि वित्तीय लाभ पेंडिंग हैं।
संगठन के अध्यक्ष चमन सिंह, प्रधान विद्यासागर और महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बने सात माह का समय हो गया है, लेकिन परिवहन निगम और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
ओवर टाइम, रात्रि भत्ता, एरियर, आईआर, डीए, पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट जीपीएफ, चिकित्सा भत्ता आदि को मिलाकर निगम के पास कर्मचारियों का 350 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया देय है। अब कर्मचारी अपने को ठगा सा महसूस करने लगे हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की तरह 9880 रुपये आरंभिक वेतन बहाली, प्रशिक्षित परिचालकों के लिए ठोस नीति बनाई जाना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, यात्री परिवहन का राष्ट्रीयकरण करना, निजी रूट परमिट देने पर पूर्ण रोक लगाना, घाटे के कारणों की जांच आदि अनेकों समस्याएं का समाधान नहीं हुआ है।
परिवहन सर्व कर्मचारी यूनियन ने मांग की है कि यदि उपरोक्त समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो संगठन को प्रदेश व्यापी संघर्ष के लिए विवश होना पड़ेगा।