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HRTC Employees: एचआरटीसी कर्मियों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो रविवार रात से तीन दिन की हड़ताल

Thu, 06 Mar 2025 09:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 संघ ने साफ किया गया है कि अगर तीन दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो रविवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। 
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एचआरटीसी परिचालक और एचआरटीसी चालक संघ ने की गेट मीटिंग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एचआरटीसी चालक-परिचालकों ने प्रदेश सरकार को मांगें पूरी करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने साफ किया गया है कि अगर तीन दिन में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह रविवार रात से तीन दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे। राज्य एचआरटीसी परिचालक और एचआरटीसी चालक संघ ने वीरवार को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और महाप्रबंधक एचआरटीसी को नोटिस जारी कर इस बारे में अवगत करवा दिया है। इसके बाद कर्मचारियों ने पुराना बस स्टैंड शिमला में गेट मीटिंग की और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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एचआरटीसी चालक संघ के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी लंबित देनदारियों को लेकर घोषणा और आश्वासन दे रही है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिला है। इसे देखते हुए अब संघ ने कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार को परिचालकों की वेतन विसंगति, 65 महीनों का रात्रि अतिरिक्त समय भत्ता और 50 हजार रुपये एरियर की पहली किस्त, चालकों की वरिष्ठ चालक के पद पर पदोन्नति जैसी मांगें प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्वर्णजयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, जिसमें 50 करोड़ रुपये रात्रि व अतिरिक्त समय भत्ता और 9 करोड़ रुपये मेडिकल बिल दिसंबर 2024 तक देने की बात कही गई थी।

इसके बाद 1 जनवरी को संगठनों का शिष्टमंडल दोबारा मुख्यमंत्री से मिला। इसमें मुख्यमंत्री ने 15 करोड़ रुपये रात्रि और अतिरिक्त समय भत्ते देने की बात को फिर स्वीकारा किया था, लेकिन सरकार ने उसे 20 फरवरी तक भी नहीं दिया। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकार बार-बार झूठ बोलकर अपने हर वादे से मुकर रही है। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर चुका है प्रबंधन और सरकार से विश्वास उठ चुका है।

कर्मचारियों ने प्रबंधन और सरकार को 20 फरवरी से 6 मार्च तक 15 दिनों का समय वित्तीय देनदारियों की अदायगी के लिए दिया था, जो वीरवार को खत्म हो गया। इसको देखते हुए चालक और परिचालक संघ ने ने 3 दिन का समय देकर कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 72 घंटे का चक्काजाम है, यानी रविवार रात 11:59 बजे से बुधवार रात 11:59 बजे तक हड़ताल की जाएगी। परिचालक यूनियन के प्रांतीय प्रधान प्रीत महेंद्र ने आम जनता से भी अपील की है कि 9 तारीख़ रात 12 बजे के बाद की किसी भी बस की ऑनलाइन या एडवांस में टिकट बुक न करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम का चालक-परिचालक हड़ताल को करने के लिए मजबूर हो गया है।
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जो बसें जहां हैं, वहीं खड़ी रहेंगी
रविवार रात से हिमाचल पथ परिवहन निगम की सभी बसें चाहे वह हिमाचल के किसी भी क्षेत्र से, चंडीगढ़ से, दिल्ली से, हरिद्वार से और पंजाब से कहीं से भी आनी-जानी हैं, वह खड़ी रहेंगी। संघ ने साफ किया है कि इससे जो भी परेशानी आम जनता को और जो भी घाटा निगम को होगा, उसकी पूरी जिम्मेवारी निगम प्रबंधन और सरकार की होगी।
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