एचआरटीसी कर्मचारियों को न तो ओवरटाइम की राशि का भुगतान हो रहा है और न ही डीए और आईआर की किस्त जारी की जा रही है। परिवहन निगम में करीब 12 हजार कर्मचारी हैं, जिन्हें वित्तीय लाभों से वंचित रखा गया है।
हालांकि, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि बीओडी गठित न होने से यह समस्या आई थी। अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का चयन कर लिया गया है। इसी महीने कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक होनी प्रस्तावित है।
एचआरटीसी कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा हो, इसको लेकर सरकार ने एचआरटीसी से ही सेवानिवृत्त हुए बलराम पुरी को बीओडी का सदस्य बनाया है। हिमाचल एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन ने हमीरपुर में 10 जुलाई को बैठक बुला दी है। इसमें कर्मचारियों की मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी।
यूनियन के महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी कर्मचारियों के लंबे समय से चिकित्सा बिलों के भुगतान न नहीं हो रहे हैं। अनुबंध पर तैनात चालक परिचालकों को भी विभाग की अपेक्षा कम राशि दी जा रही है।
इसके अलावा पेंशनर को न तो लीव इन कैशमेंट का पैसा दिया गया न ही ग्रेच्युटी जारी की गई है। सभी मांगों का प्रस्ताव प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपा जाना है।