हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने निगम कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की सभी मांगों को मंजूर कर लिया है। यह दावा मंगलवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक आरएन बत्ता ने निगम प्रबंधन की संयुक्त समन्वय समिति के सदस्यों के साथ बैठक के बाद किया है।
इसके बावजूद संयुक्त समन्वय समिति से जुडे़ कर्मचारी नेताओं ने जहां 14 अक्तूबर के धरने में भाग न लेने का आह्वान किया है तो दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश परिवहन मजदूर संघ मंगलवार को धरना-प्रदर्शन पर अड़ा है। एचआरटीसी के एमडी आरएन बत्ता ने कहा कि निगम के कर्मियों और पेंशनधारकों को प्रथम जनवरी 2014 से 10 प्रतिशत मंहगाई भत्ता जारी कर दिया गया है, जिसे सितंबर, 2014 तक नकद देने का निर्णय लिया है।
अक्तूबर माह से यह वेतन में जोड़ा जाएगा। प्रबंधन ने चालक-परिचालकों के लिए ओवरटाइम की अदायगी के लिए निर्धारित 48 घंटे की रोस्टर प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया है। भविष्य में कर्मियों को ओवरटाइम हर महीने की 22 तारीख को जारी किया जाएगा। तीन महीनों का ओवरटाइम भत्ता पहले ही जारी किया जा चुका है। निगम के सभी कर्मचारियों के लिए 4-9-14 टाइम स्केल का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
सभी पेंशनधारकों के लिए पेंशन लाभ, अवकाश के बदले वेतन और ग्रेच्युटी जारी की जा चुकी है। भविष्य में देय होने वाले इन मामलों का निपटारा नियमित तौर पर मासिक बैठकों में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चालकों के 288 और परिचालकों के 680 पदों को भरने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
कर्मशाला कर्मचारियों के 146 खाली पडेे़ पदों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम बेडे में 800 नई बसें शीघ्र शामिल की जाएंगी। प्रबंधक निदेशक ने कहा कि बैठक में संयुक्त समन्वय समिति के सदस्यों ने सभी मांगे मान लिए जाने पर 14 अक्तूबर, 2014 को प्रस्तावित हड़ताल में भाग नहीं लेने पर सहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने कर्मचारियों की सभी मांगों को मंजूर कर लिया है। संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष रोशन लाल चौहान, महासचिव नानक चंद शांडिल, उपाध्यक्ष जगरूप सिंह, नरेंद्र कुमार, समिति से जुडे़ सभी ट्रेड यूनियन सदस्य बैठक में उपस्थित थे।
फिर भी आंदोलन पर अड़े परिवहन कर्मचारी
हिमाचल में आज मंगलवार को कई क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था ठप हो सकती है। भले ही परिवहन निगम ने कई मांगों को मानने का ऐलान किया है। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश परिवहन मजदूर संघ मंगलवार को ‘शिमला चलो’ अभियान अडे़ हैं। संघ के महासचिव शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी मंगलवार को 11 बजे से लेकर सायं चार बजे तक शिमला के पुराने बस अड्डे पर धरना देंगे। मंगलवार को ही आगामी 24 घंटे की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जाएगा। शंकर सिंह ठाकुर का कहना है कि उनकी असल मांगों को नहीं माना गया है।
कर्मचारियों की छुटिट्यां रद्द, चेतावनी दी
मांगें मानने के बावजूद यदि कोई कर्मचारी रैली में भाग लेता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम इस तरह के व्यवहार पर अनुबंध कर्मियों का अनुबंध निरस्त करने पर गंभीरता से विचार करेगा। यह चेतावनी देते हुए डा. आरएन बत्ता ने कहा कि निगम जनहित को ताक पर रख कर व्यवस्था विरुद्ध कार्य को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कि कर्मचारियों को मंगलवार को सामान्य कारणों से कोई अवकाश नहीं मिलेगा। विशेष परिस्थितियों में ही कोई छुट्टी मंजूर हो सकती है।