केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन अधिनियम में किए जा रहे संशोधन के विरोध में 30 अप्रैल को प्रस्तावित हड़ताल में हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर्ज यूनियन ने भाग न लेने का फैसला किया है।
हड़ताल के कारण प्रदेश के लोगों को होने वाली असुविधा और निगम को होने वाले वित्तीय नुकसान के मद्देनजर हड़ताल पर न जाने का निर्णय किया गया है। ड्राइवर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा और महासचिव हेमंत शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा मोहर वाहन अधिनियम में संशोधन के मुद्दे पर एचआरटीसी के कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस कर्मियों की एचआरटीसी बसों में यात्रा का इस हड़ताल से कोई लेना देना नहीं है। सत्य प्रकाश शर्मा का कहना है कि पुलिस कर्मियों द्वारा एचआरटीसी बसों में सफर करने के मुद्दे से निगम के चालकों को कोई लेना देना नहीं है। इस मुद्दे को तूल देकर पुलिस कर्मियों और एचआरटीसी के चालकों के बीच तनाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
निगम की बसों में मुफ्त अथवा रियायती सफर की सुविधा देना सरकार के क्षेत्राधिकार में आता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली ग्रांट से ही एचआरटीसी का संचालन हो रहा है। हड़ताल के नाम पर कर्मचारियों को भ्रमित करना निंदनीय है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर्ज यूनियन ने हड़ताल में शामिल न होकर लोगों को सुविधा उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है।