एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों को पिछले 19 महीनों से नाइट और ओवरटाइम का भुगतान नहीं हुआ है। नाइट और ओवरटाइम के भुगतान के बिना ही इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
स्टाफ की किल्लत के चलते एचआरटीसी अपने चालकों-परिचालकों से निर्धारित घंटों के मुकाबले अतिरिक्त ड्यूटी ले रहा है। इतना ही नहीं लंबी दूरी के रूटों पर रात्रि सेवा में ड्यूटी देने वाले चालकों और परिचालकों को भी नाइट अलाउंस नहीं दिया जा रहा।
एचआरटीसी इंप्लाइज फेडरेशन (इंटक) के महासचिव देसराज शर्मा ने बताया कि 19 माह से चालक-परिचालकों को नाइट ओवरटाइम का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा 16 महीनों से कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।
2017 में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की अभी तक पेंशन शुरू नहीं हुई है। एचआरटीसी के ड्राइवर कंडक्टर और रिटायर्ड कर्मचारी वित्तीय लाभ न मिलने के कारण परेशान हैं।
कई बार निगम प्रबंधन के समक्ष यह समस्याएं उठाई गई हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। 2 अप्रैल को शिमला में होने वाले इंटक के सम्मेलन में इन समस्याओं पर चर्चा कर आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।