एचआरटीसी के कुछ ड्राइवर और कंडक्टर निगम के ध्येय वाक्य ‘सजग साधना, सविनय सेवा’ का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। बसों के दरवाजों पर अतिथि देवो भव: के स्टीकर लगाकर नियम, कायदे, कानून को ताक पर रख कर एचआरटीसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी में डाला जा रहा है।
दबंगई की हद इतनी की वरिष्ठ नागरिकों तक का लिहाज नहीं किया जा रहा। शनिवार को दोपहर बाद करीब दो बजकर 55 मिनट पर चंडीगढ़ से शिमला रवाना हुई एचआरटीसी के शिमला ग्रामीण डिपो (3) की बस से यात्रियों को आईएसबीटी के स्थान पर टुटीकंडी क्रासिंग पर ही उतार दिया गया।
इसी बस में चंडीगढ़ से शिमला आ रहे बुजुर्ग दंपति ने जब ऐतराज जताया और बस को पूरे रूट पर आईएसबीटी तक ले जाने के लिए कहा तो बस चालक दुर्व्यवहार करने पर उतारू हो गया। बस करीब 6 बजकर 45 मिनट पर टूटीकंडी क्रासिंग पर पहुंची थी।