हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के शिमला के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) के तबादले पर कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन से परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर नाराज हैं। उन्होंने कहा कि तबादले का फैसला चालक-परिचालक नहीं लेंगे। तल्खी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मामला जल्द शांत नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि पंद्रह साल तक एक जगह पर नौकरी करने वाले अधिकारी ने जिस तरह की परिस्थितियां पैदा की हैं, उसकी जांच की जाएगी। अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार ने तबादला करके किसी अधिकारी को सजा नहीं दी है। जिस अधिकारी को शिमला में आरएम लगाया है, उसे कैंसर है।
बीमारी के चलते वह नेरवा नहीं जाना चाहता। शिमला वाले को नेरवा भेजा गया, क्योंकि नेरवा में नया यूनिट खुला है। यहां पर अनुभवी व वरिष्ठ अधिकारी की आवश्यकता है। नियमों के तहत एक स्टेशन पर तीन साल नौकरी के बाद किसी भी कर्मचारी का तबादला किया जा सकता है। किस कर्मचारी को कहां भेजना है, यह सरकार तय करती है।
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205 नई बसें खरीदेगा एचआरटीसी
मंत्री ने कहा कि जल्द ही एचआरटीसी के लिए 205 नई बसें खरीदी जाएंगी। बहुत सी बसें अपने अधिकतम किलोमीटर पूरे कर चुकी हैं। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई बसें ली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां नियंत्रण में रहीं तो कोरोना एसओपी के तहत निगम सभी रूटों पर बस सेवाएं शुरू करेगा।