जिला मुख्यालय नाहन में मुख्य बस स्टैंड पर शुक्रवार देर रात हिमाचल पथ परिवहन निगम की हरिद्वार जाने वाली सेमी डीलक्स बस को स्टार्ट करते ही अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरी तरह से फैल गई और बस जलकर राख हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मणिकर्ण से हरिद्वार रूट पर चलने वाली बस की जगह नाहन में सवारियों को इस बस में शिफ्ट किया जाना था। गनीमत रही कि बस में सवारियां बिठाने से पहले ही यह हादसा हो गया। अन्यथा यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
जानकारी के अनुसार नाहन के बस स्टैंड पर हिमाचल पथ परिवहन की सेमी डीलक्स बस (एचपी 71-1081) में शुक्रवार रात अचानक आग लग गई। यह बस नाहन से हरिद्वार के लिए निकलनी थी। एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार मणिकर्ण से हरिद्वार रूट पर चलने वाली बस को नाहन में बदल दिया जाता है। मणिकर्ण से बस पहुंचने के बाद नई बस को स्टार्ट करने के लिए चालक भीतर गया।
उसने जैसे ही बस को स्टार्ट किया तो अचानक सेल्फ डायरेक्ट हो गया और बस ने आग पकड़ ली। चालक ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई। फाइबर बॉडी की बस ने देखते ही देखते आग पकड़ ली और चंद मिनटों में ही यह बस जलकर राख हो गई। घटना के दौरान बस स्टैंड में अन्य कई सरकारी व निजी बसें भी खड़ी थीं।
जिन्हें बस के चालक व चौकीदार ने सूझबूझ के साथ वहां से हटाया। अन्यथा नुकसान और बढ़ सकता था। सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र नाहन से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। एचआरटीसी की तकनीकी टीम की जांच के बाद ही नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
उधर, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक राशिद शेख का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि चालक बलविंद्र ने चौकीदार प्रवीण की मदद से अन्य बसों को बचाने में काफी हिम्मत दिखाई है।
1,86 हजार किलोमीटर चली है बस
2009 के मॉडल की यह बस फाइबर बॉडी की थी। अब तक यह बस लगभग 1,86000 किलोमीटर चल चुकी है। फाइबर बॉडी होने के कारण आग बस में तेजी से फैल गई। इससे बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जल गया है। आरएम ने बताया कि तकनीकी टीम की जांच के बाद ही नुकसान का पता चल सकेगा। फिलहाल, बस को टोटल लॉस माना जा रहा है।