परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर
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हिमाचल पथ परिवहन निगम जल्द 205 नई बसें खरीदेगा। परिवहन निगम की मंगलवार को आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (बीओडी) की बैठक में यह फैसला लिया गया। अभी निगम के बेड़े में करीब 3400 बसें हैं। वहीं बस अड्डों पर तैनात पीस मील वर्करों को कोरोना काल में 275 रुपये दिहाड़ी मिलेगी। इसके बाद पहले की ही तरह इन्हें काम करने के हिसाब से पैसा मिलता रहेगा। बैठक की अध्यक्षता परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने की। निगम 86.15 करोड़ में 115 सामान्य 47 सीटर बसें, 30 सामान्य बसें 37 सीटर, 50 एसी बसें, पांच एसी सुपर लग्जरी और चंबा जिले के भरमौर के लिए पांच टेंपो ट्रेवलर खरीदेगा।
बैठक में बिलासपुर में आधुनिक बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी दी गई। रिवालसर और भोरंज में नए बस अड्डों का निर्माण होगा। शिमला और धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के तहत बस अड्डे बनेंगे। इन दोनों शहरों में अन्य कार्य भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ही होंगे। बिक्रम सिंह ने कहा कि सभी कर्मचारियों, पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान कर दिया गया है और पेंशन समयबद्ध देने के निर्देश दिए हैं। निगम कर्मियों को भी समय पर तनख्वाह दी जा रही है। उनके लंबित वित्तीय लाभ भी धीरे-धीरे जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से बाहरी राज्यों के लिए करीब 317 बसें चलेंगी। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। सवारियां बढ़ने के साथ रूट भी बढ़ते जाएंगे।
नगरोटा बगवां में परिवहन निगम का खुलेगा कार्यालय
बीओडी की बैठक में नगरोटा बगवां में परिवहन निगम का कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा ठियोग में कामर्शियल कांप्लेक्स, बैजनाथ में वर्कशॉप कंस्ट्रक्शन को मंजूरी दी गई है। कांगड़ा जिले के बैजनाथ और जसूर में पीपीपी मोड पर बस अड्डे बनेंगे। शिमला के टूटीकंडी, कांगड़ा, चिंतपूर्णी और ऊना में पीपीपी आधार की परियोजनाओं के लाभार्थियों को वार्षिक शुल्क में राहत देने का फैसला लिया।
निगम के पालमपुर कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की होगी जांच
एचआरटीसी पालमपुर कार्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच होगी। एटक के अध्यक्ष नानक शांडिल एवं इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष हरदयाल सिंह ने आरोप लगाया कि एचआरटीसी चंबा और देहरा यूनिट की भांति एचआरटीसी पालमपुर में भी अनियमितता बरती गई है, जिसकी शिकायत कर्मचारी संगठनों ने अक्तूबर 2020 में ही निगम प्रबंधन को कर दी थी, लेकिन निगम प्रबंधन की ओर से संलिप्त अफसरों और कर्मियों के खिलाफ अभी तक कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।