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स्मृति ने साधा निशाना, कहा अमेठी का बदला ले रहे राहुल

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धर्मशाला में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा बनाते हैं। शिक्षण संस्थानों को सहारा बनाकर ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए। राहुल गांधी बच्चों के कंधे पर राजनीति की बंदूक चला रहे हैं। शिक्षण परिसरों में बैठकर राहुल अमेठी का बदला लेने का बहाना ढूंढ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि राहुल शिक्षा को रणभूमि न बनाएं। वह डंके की चोट पर जवाब देंगी, लेकिन अमेठी आकर। अमेठी में ही मैं राहुल को बताऊंगी कि ईरानी कैसे लड़ती है। मैं राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति पर विश्वास रखती हूं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इस पार्टी ने देश से कभी गरीबी नहीं हटाई, बल्कि गरीबों को और गरीब करके उन पर राजनीतिक रोटियां सेंकी हैं।

कहा- केंद्रीय विवि के लिए दिल्ली में आकर जवाब दें वीरभद्र

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि धर्मशाला के जदरांगल में प्रदेश सरकार की ओर से चिह्नित की गई जमीन ट्रांसफर ही नहीं हुई है फिर केंद्रीय विवि के लिए वहां शिलान्यास कैसे हो गया। उन्होंने पूछा कि सीएम वीरभद्र सिंह ने किस अधिकार से शिलान्यास का बोर्ड लगवा दिया।

सीएम को इसका जवाब दिल्ली में जाकर देना चाहिए। ऐसे गलत बोर्ड लगाकर वे प्रदेश की जनता और केंद्र सरकार को भ्रमित करना चाहते हैं। धर्मशाला में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचीं स्मृति ईरानी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल से बाहर नहीं जाएगा। सीयू हिमाचल में ही बनेगा, बशर्ते प्रदेश सरकार जमीन मुहैया करवाए।

'प्रदेश सरकार पहले तय करे कहां देगी जमीन'

उन्होंने कहा कि मुझे प्रदेश सरकार की ओर से सीयू को लेकर दो पत्र मिले थे। एक पत्र में जमीन देहरा और दूसरे में धर्मशाला में चयनित की गई थी। पहले प्रदेश सरकार निर्णय करे कि केंद्रीय विवि के लिए वह जमीन कहां देगी। वीरभद्र सिंह के सीयू पर पीएम मोदी से मिलने के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे शौक से पीएम से मिलें।

उन्हें किसी ने नहीं रोका है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा हिमाचल से भेदभाव किया है। मोदी सरकार ने कांग्रेस की पक्षपात की नीति की धारणाओं को तोड़कर हिमाचल को विशेष राज्य श्रेणी का दर्जा दिया। हिमाचल को अल्प समय में कई बड़े संस्थान दिए गए। लेकिन, यूपीए के समय हिमाचल अपने अधिकार के लिए जूझता रहा।

रास्ता रोकने वाले कांग्रेसियों को दी नसीहत

स्मृति ने कहा कि कांग्रेस के कुछ 8-10 नौजवानों ने मेरा रास्ता रोकना चाहा, इसलिए धर्मशाला पहुंचने में देरी हुई। अगर ये नौजवान भाजपा में बतौर कार्यकर्ता संघर्ष करते तो मेरी तरह मंत्री बनते।

रिजल्ट पर किया था एचपीयू के वीसी को फोन- केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह राष्ट्रवादी राजनीति करती हैं। मुझे बताया गया कि हिमाचल के कॉलेजों में पिछले तीन तीन सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आया है। मैंने कहा कि मेरी संवैधानिक मर्यादाएं हैं लेकिन बात छात्रों के भविष्य की है।

इसलिए मैंने वहीं से हिमाचल विवि के वीसी को फोन करके रिजल्ट जल्द निकालने का निवेदन किया। मैंने वीसी से हाथ जोड़कर कहा कि अगर आप शिक्षा के सेनानी हैं तो छात्रों से अन्याय न होने दें।

'परीक्षा फार्म में हिंदी भाषा का शुरू करेंगे कॉलम'

टांडा में केंद्रीय विवि (सीयू) के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा पढ़ाए जा रहे कुछेक विषयों को देश भर के विश्वविद्यालयों में चर्चा के बाद शुरू करने की हामी भरी। उन्होंने केंद्रीय विवि में पढ़ाए जा रहे स्पेशलाइजेशन इन इंडस्ट्रियल मैथेमेटिक्स और भौतिकी स्पेशलाइजेशन इन थ्योरेटिकल फिजिक्स जैसे विषयों को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी बताया।

उन्होंने गणित पर आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए केंद्रीय विवि के गणित विभाग को विषयों आदि संबंधी सुझाव भेजने के लिए कहा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर पर संस्कृत पढ़ाए जाने की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विवि ने नई पहल की है। केंद्रीय विवि ने परीक्षा फार्म में हिंदी कॉलम का भी विकल्प रखा है।

उनका मंत्रालय प्रयास करेगा कि देश के सभी शिक्षण संस्थानों के परीक्षा फार्म में हिंदी और प्रादेशिक भाषा का कॉलम रखा जाए। विश्वविद्यालय द्वारा योग केंद्र खोलने के संकल्प पर मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक पृष्ठभूमि और पर्यटन की दृष्टि से इस योग केंद्र में ‘वेलनेस सेंटर’ भी जोड़ें । उन्होंने कहा कि केंद्रीय विवि को शीघ्र ही जमीन उपलब्ध होगी।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 643 स्टूडेंट्स को दी डिग्रियां

डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के सभागार में केंद्रीय विवि के तीसरे दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री मुख्यातिथि थीं। उन्होंने 2012-2014 और 2013-2015 बैच के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं डिग्रियों से अलंकृत किया। 643 छात्रों को डिग्रियां दी गईं।

633 पीजी छात्रों, 8 रिसर्च स्कॉलरों और दो एडवांस्ड डिप्लोमा कैटेगरी में डिग्रियां दी गईं। रिसर्च स्कॉलरों में नम्रता कालिया, जितेंद्र कौर, सचिन कुमार, संजीव कुमार, पुनीत सूद, कल्याणी हाजरी, किरणदीप बाला और बिंदु रानी को उपाधियां दी गईं। केंद्रीय विवि ने 2011-2014 बैच के मेधावियों को पीएचडी की उपाधि से अलंकृत किया। 28 मेधावियों को गोल्ड मेडल दिए गए, जिनमें से आठ गोल्ड पीएचडी के मेधावियों को दिए गए।

2011-2013 बैच में एमबीए गोल्ड मेडल कैटेगरी में अनीता राणा, गीतांजलि अवस्थी, एमए इंग्लिश के जसप्रीत सिंह, एमए जर्नलिज्म और क्रिएटिव राइटिंग में रिचा, एमए न्यू  मीडिया से सरिमा ठाकुर, एमएससी बायोइन्फर्मेटिक्स में गिरिजा कौशल,

एमएससी मैथ्स (इंडस्ट्रियल) में स्वाति वर्मा, एमएससी आईटी में वनिता, एमएससी लाइब्रेरी साइंस में दीपक, एमएससी फिजिक्स (थेओरोटिकल) में अंकित महाजन, एमए इकोनोमिक्स में शैलजा शर्मा, एमबीए (टूरिज्म) में सुनील कुमार शर्मा को उपाधि मिली।
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8 रिसर्च स्कॉलरों, दो एडवांस्ड डिप्लोमा कैटेगरी में दीं डिग्रियां

बैच 2013-2015 गोल्ड मेडलिस्ट कैटेगरी में एमबीए से महक शर्मा, एमएससी (एन्वायरमेंटल साइंस) में शाकिर, एमए एजूकेशन में शैफाली, एमए इंग्लिश में कुमारी नभु, एमए हिंदी में शालिनी देवी, एमएससी बायोइन्फर्मेटिक्स में भानु शर्मा, एमएससी मैथ्स (इंडस्ट्रियल) में कनिका सूद, एमएससी आईटी मंजू शर्मा, एमएससी लाइब्रेरी साइंस में वरुण, एमएससी फिजिक्स (थ्योरेटिकल) में अभिषेक मोहपात्रा, एमए इकोनोमिक्स में लीना शर्मा, एमए सोशल वर्क में अनीता कुमारी, एमबीए आईटी में मनीषा को उपाधि मिली।

समारोह में केंद्रीय विवि के चांसलर अरुण मारेया, वीसी कुलदीप अग्निहोत्री, प्रो. वीसी योगेंद्र वर्मा, एचपीयू के वीसी एडीएन वाजपेयी, जम्मू सीयू के वीसी अशोक आईमा, महात्मा गांधी विवि मोतीहारी बिहार के वीसी अरविंद अग्रवाल, केंद्रीय विवि के रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर जगदीश चंद रांगड़ा आदि उपस्थित रहे।
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