फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पढ़िए, इस बार कैसे होगा एससीए का चुनाव?

विज्ञापन
विज्ञापन
मनोनयन से होने वाले एससीए चुनाव में आम छात्रों की कोई भागीदारी नहीं होगी। मेरिट के आधार पर कॉलेजों में सीआर और विवि में डीआर चुने जाएंगे। मुख्य चार पदों पर आम सहमति से ताजपोशी न होने की सूरत में सीआर और डीआर ही मतदान कर एससीए का चयन करेंगे।
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो मनोनयन से एससीए के गठन को बनाई गई गाइडलाइन में कुछ ऐसा ही प्रावधान है। जानकारी के अनुसार गाइडलाइन तैयार करने को बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी ने कॉलेज प्राचार्यों से भी राय ले ली है।

एससीए चुनाव के लिए अकादमिक, स्पोर्ट्स, सांस्कृतिक, एनएसएस, एनसीसी, रेंजर एंड रोवर जैसी गतिविधियों में मेरिट (अव्वल) में रहने वाले छात्र ही पात्र होंगे। इनमें से कक्षा, विभाग प्रतिनिधियों का मनोनयन होगा।
विज्ञापन

डीआर के चुनाव के बाद बनेगी एससीए

कॉलेजों में कक्षा और विवि में विभाग प्रतिनिधियों के मनोनयन के बाद ही विश्वविद्यालय और कॉलेजों में एससीए के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इनमें से ही चार मुख्य पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सह सचिव के लिए दावेदार तय होंगे।

कक्षा और विभाग प्रतिनिधि आम सहमति से चारों पदों पर तैनाती को सहमति देंगे तो मतदान नहीं होगा। सहमति न बनने पर कक्षा/विभाग प्रतिनिधि मतदान करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कहीं छात्र संगठनों की राजनीति नहीं होगी। कोई प्रचार नहीं होगा।

हालांकि, कमेटी गाइडलाइन तैयार कर रही है, मगर सूत्र बताते हैं कि इसी तैयार मसौदे को रिपोर्ट के रूप में कुलपति को सौंपा जाना तय है। 26 अगस्त को हुई प्रदेश विवि की ईसी की बैठक में प्रत्यक्ष चुनाव पर एक साल की रोक लगाने और मनोनयन से विश्वविद्यालय और कॉलेजों में एससीए गठित करने की नई प्रक्रिया अपनाने का फैसला लिया गया था।

वीसी को आज सौंपी जाएगी रिपोर्ट

उधर, प्रदेश विश्वविद्यालय की ईसी की ओर से गठित उच्च स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि गाइड लाइन तैयार की जा रही है। वीरवार को इसकी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जानी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्राचार्यों से भी इस संबंध में राय ली जा रही है।

परिणाम घोषित न होने से होगी समस्या यदि विवि एससीए मनोनयन से गठित करने का फैसला लेता है तो पिछली कक्षा के लटके रूसा और पुराने पैटर्न के ईयर सिस्टम के परिणाम की भी जरूरत रहेगी।

परिणाम घोषित हुए बिना कैसे अकादमिक मेरिट का आंकलन होगा। लिंगदोह कमेटी की सिफारिश में पिछला परिणाम घोषित होना आवश्यक है।
विज्ञापन

सीधे एससीए चुनाव न करवाने पर अड़े वीसी

वहीं, प्रदेश विवि के कुलपति प्रत्यक्ष रूप से एचपीयू और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव न करवाने के ईसी के फैसले पर अड़ गए हैं। वीसी प्रो. एडीएन बाजपेयी ने बुधवार को बैठक के लिए बुलाए तीनों छात्र संगठनों के तीन-तीन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की।

कहा कि कॉलेज कैंपस में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करें और शैक्षणिक माहौल को बनाए रखें। साथ ही कहा कि यदि फीस बढ़ोतरी को लेकर कोई आपत्ति है तो इस पर छात्र संगठन चार दिन में अपने लिखित सुझाव उन्हें दें।

इन पर विचार किया जा सकता है। छात्र संगठनों की ओर से उठाई गई एससीए चुनाव से रोक हटाने की मांग पर वीसी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और माहौल में चुनाव नहीं करवाए जा सकते।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें