हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के किसी भी विभाग और शाखा से सूचना का अधिकार कानून के तहत दो सालों में जानकारी लेने वालों का ब्योरा कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने मांगा है। कुलपति के आदेशों पर विवि की सामान्य प्रशासन शाखा ने सभी विभागाध्यक्षों और विवि के जन सूचना अधिकारियों (पीआईओ) से सूचना का अधिकार कानून- 2005 के तहत दो सालों में जानकारी मांगने वालों का नाम, पता के साथ यह ब्योरा तलब किया है।
विवि के जीएडी सेक्शन के सहायक कुलसचिव की ओर से यह सर्कुलर जारी किया है। ब्योरा तलब करने से विवि में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जुटाई जा रही जानकारी को कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने और उन्हें सेवा विस्तार या दोबारा पद पर तैनाती से जोड़कर भी देखा जा रहा है। आदेशों में यह जानकारी विभागों, शाखाओं और संस्थानों के पीआईओ को कुलपति के विशेष निजी सचिव को ही देने को कहा है।
चर्चा है कि कुलपति व्यक्तिगत तौर पर यह क्यों जानना चाह रहे हैं कि दो सालों में किन लोगों ने आरटीआई लगाई और कितनों को जवाब दिए गए। कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने में अब मुश्किल से एक माह शेष है तो ऐसे में इस तरह की जानकारी के जुटाए जाने पर सवाल उठना लाजिमी है। विवि से आरटीआई एक्टिविस्ट को समय से सूचना न देने की शिकायतें रहती हैं।