एबीवीपी के लोगो के साथ ऑफिशियल नोटिफिकेशन।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है। विवि की ऑफिशियल अधिसूचना को एबीवीपी के वाटरमार्क लोगो के साथ जारी कर दिया गया है। इससे अन्य छात्र संगठन भड़क गए हैं। इस मामले में शनिवार को एनएसयूआई ने पत्रकार वार्ता कर मामले की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि जिस स्तर पर भी यह चूक हुई है, उसका पता लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। एनएसयूआई की विवि इकाई के अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास ने विश्वविद्यालय का भगवाकरण करने का आरोप लगाया।
कहा कि ऑफिशियल साइट पर जारी बीएड के काउंसलिंग शेड्यूल में कैसे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का लोगो लगा है। काउंसलिंग शेडयूल तो विवि प्रशासन ने अपलोड किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में मामला सामने आने के बाद बीती शुक्रवार रात को करीब 11 बजे एबीवीपी के लोगो वाली अधिसूचना हटाकर उसकी जगह बिना लोगो वाली बीएड काउंसलिंग के शेड्यूल की नोटिफिकेशन अपलोड की।
उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है विवि की ओर से एक विचारधारा को प्रमोट करने की कोशिश की जा रही है। कहा कि विवि की ओर से जिस तरह आरएसएस की विचारधारा को प्रमोट किया जा रहा है यह देश के उच्चतर शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण का सबसे बड़े उदाहरणों में से एक है। इस दौरान डैनी पंगवाल, यासीन भट्ट और चंदन महाजन भी मौजूद रहे।
किस स्तर पर हुई चूक, होगी जांच : मुकेश
विवि कंप्यूटर सेंटर के इंचार्ज मुकेश कुमार ने माना कि चूक हुई है। इसकी जांच की जाएगी। उनका तर्क है कि अधिसूचना का फोटो फोटो करते हुए छात्र संगठन का ज्ञापन आ गया होगा। जैसे उन्हें पता चला, उसी समय अधिसूचना वेबसाइट से हटवा दी गई। हालांकि, उनका यह तर्क गले नहीं उतर रहा है। चूंकि, नोटिफिकेशन ऐसी है कि अधिष्ठाता अध्ययन और बीएड एडमिशन कमेटी के साइन भी उस पर साफ नजर आ रहे हैं।