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HPU Shimla: यूजी में नई शिक्षा नीति को 30 अप्रैल तक लागू करने की तैयारी

Tue, 02 Apr 2024 12:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी डिग्री कोर्स में 2024 के नए सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने को लेकर विवि में तैयारियां फिर से शुरू हो गई हैं। 
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूजी डिग्री कोर्स में 2024 के नए सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने को लेकर विवि में तैयारियां फिर से शुरू हो गई हैं। बीते दिनों कार्यवाहक कुलपति प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई अधिकारियों और अधिष्ठाताओं की बैठक में हुए फैसले पर डीएस की अध्यक्षता में बनी कमेटी की इसी सप्ताह बैठक प्रस्तावित है। अध्यक्ष प्रो. बीके शिवराम और समन्वयक एवं पूर्व डीएस प्रो. कुलभूषण चंदेल, सदस्य के रूप में परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल, डीन लॉ प्रो. संजय संधु, प्रो. रमेश ठाकुर और हिमांशु परमार सहित अन्य को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इसमें शिक्षक गैर शिक्षक अधिकारी भी शामिल हैं। 

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कमेटी ने तीस अप्रैल तक एनईपी को नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्नातक डिग्री कोर्स में नीति के अनुसार चार वर्षीय और तीन वर्षीय दोनों यूजी कोर्स के नियम और कानून बनाकर इसे विवि ऑड्रिनेंस का हिस्सा बनाने के लिए प्रारूप तैयार करने के साथ कम से कम प्रथम वर्ष का सिलेबस तैयार करने का लक्ष्य रखा है।  एनईपी-2020 को विवि में लागू किए जाने पर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है, मगर विवि अपने स्तर पर इसके लिए तैयारियां शुरू कर रहा है। नीति को लागू करने को लेकर सरकार की मंजूरी आनी बाकी है। जानकारी के अनुसार, विवि को प्रधानमंत्री उच्चत्तर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के तहत अगले दो साल के लिए विभिन्न सुविधाओं और शिक्षा में गुणात्मक सुधार, ढांचागत सुविधाओं को बढ़ाने को मेरू (मल्टी डिस्पिलेनरी एजूकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी) के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से मंजूर हुए सौ करोड़ के अनुदान को लेने के लिए भी एनईपी-2020 को कम से कम यूजी में नए सत्र से लागू करना पड़ सकता है। 

सुत्र बताते हैं कि विवि ने केंद्र को एनईपी को लागू किए जाने को लेकर शपथ पत्र भी दिया है। यदि ऐसा है, तो दो साल में सौ करोड़ के अनुदान को लेने के लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को कम से कम यूजी में लागू करने की शुरुआत करनी ही पड़ेगी। ऐसा न करने पर विवि को मिलने वाला अनुदान लेना मुश्किल हो सकता है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने अलग से कमेटी बनाकर नया सत्र शुरू होने से पूर्व इसे यूजी में लागू किये जाने को लेकर तैयारियां समय से पूरी करने को लेकर दिशा-निर्देश दे दिए हैं, जिसकी वजह यही मानी जा रही है। 
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2023 में लागू करने में अधूरी रह गई थी तैयारी, आपत्तियाें पर अटका था मामला 
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2023 में ही यूजी डिग्री कोर्स में एनईपी-2020 को लागू करने की तैयारी की गई थी, लेकिन वह धरी रह गई थी। कॉलेजों में रिक्त पड़े सैकड़ों शिक्षकों के पदों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी दिक्कतों के चलते इसे लागू करना संभव नहीं हुआ, कॉलेज शिक्षक भी इसके लिए तैयार नहीं थी। इस कारण विवि के कुलपति ने एक साल तैयारियों के लिए अतिरिक्त देकर अगले सत्र से इसे पूरी तैयारी के साथ लागू करने का निर्णय लिया था। अब जून-जुलाई से नया सत्र शुरू होना है, इसलिए विवि प्रशासन अभी से एनईपी को लागू करने को आवश्यक तैयारी कर इसे ऑर्डिनेंस का हिस्सा बनाकर प्रस्ताव को ईसी से मंजूरी को भेजने के लिए कसरत शुरू कर चुका है।
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